अखिल भारतीय जल सम्मेलन में PM Modi ने कहा वाटर विज़न 2047 के लिए जन भागीदारी जरूरी

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने गुरुवार को कहा कि जल संरक्षण की दिशा में केवल सरकार के प्रयास ही काफी नहीं हैं और लोगों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है. पीएम मोदी ने ‘जल दृष्टि @ 2047’ विषय पर अखिल भारतीय जल मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा है की,

“केवल सरकार के प्रयास ही जल संरक्षण की दिशा में पर्याप्त नहीं हैं. जनभागीदारी (लोगों की भागीदारी) के एक नए अध्याय को समाज के सभी वर्गों के कई हितधारकों के साथ शुरू करने की आवश्यकता है. जल संरक्षण से संबंधित अभियानों में हमें लोगों सामाजिक संगठनों को शामिल करना होगा. और नागरिक समाज जितना संभव हो सके.”

PM Modi ने जल संरक्षण से संबंधित अभियानों के बारे में कहा

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि भारत ने जल सुरक्षा में बड़ी प्रगति की है और 2047 के लिए जल दृष्टि अमृत काल में एक बड़ा योगदान होगा. आगे उन्होंने कहा की, “भारत ने जल सुरक्षा में बड़ी प्रगति की है. 2047 के लिए हमारी जल दृष्टि अमृत काल में एक बड़ा योगदान होगा. देश हर जिले में 75 अमृत सरोवर बनाने के लिए मिलकर काम कर रहा है. अब तक 25,000 अमृत सरोवर का निर्माण किया जा चुका है.”

पीएम मोदी (PM Modi) ने आगे कहा की, “हमारी संवैधानिक व्यवस्था में, पानी का विषय राज्यों के नियंत्रण में आता है. जल संरक्षण के लिए राज्यों के प्रयास देश के सामूहिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में बहुत आगे जाएंगे.”

अखिल भारतीय जल सम्मेलन में PM Modi ने कहा वाटर विज़न 2047 के लिए जन भागीदारी जरूरी
अखिल भारतीय जल सम्मेलन में PM Modi ने कहा वाटर विज़न 2047 के लिए जन भागीदारी जरूरी

पीएम मोदी ने प्रौद्योगिकी के महत्व पर डाला प्रकाश

प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा की, “हमें जल संरक्षण के क्षेत्र में जियोसेंसिंग और जियोमैपिंग जैसी तकनीकों का उपयोग करने की आवश्यकता है. उद्योग और कृषि दो ऐसे क्षेत्र हैं. जहां पानी की आवश्यकता होती है. जल जीवन मिशन लोगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए एक प्रमुख विकास पैरामीटर बन गया है.”

‘स्वच्छ भारत अभियान’ का हवाला देते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा, ‘जब लोग “स्वच्छ भारत अभियान से जुड़े तो लोगों में चेतना और जागरुकता भी आई है. सरकार ने संसाधन जुटाए और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और शौचालय जैसे कई काम किए हैं. लेकिन सफलता नहीं मिली. जब जनता ने सोचा कि गंदगी नहीं फैलानी है. तब अभियान का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया गया है. यही सोच जल संरक्षण के लिए भी जनता में जगानी है.”

सरकार ने बजट में सर्कुलर इकोनॉमी पर बहुत जोर दिया है

पानी की ज्यादा जरूरत वाले उद्योग और कृषि को सलाह देते हुए उन्होंने (PM Modi) कहा, “सरकार ने इस बजट में सर्कुलर इकोनॉमी पर बहुत जोर दिया है. सर्कुलर इकोनॉमी की जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका है. हमारे देश में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है और जब शहरीकरण की गति ऐसी है. तो हमें पानी के बारे में बहुत गंभीरता से सोचना चाहिए.”

केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय 5-6 जनवरी को भोपाल में ‘वाटर विजन @ 2047’ की थीम पर एक राष्ट्रीय-स्तरीय सम्मेलन आयोजित कर रहा है. जो सतत विकास के लिए जल संसाधनों के दोहन के तरीकों पर चर्चा करने के लिए प्रमुख नीति निर्माताओं को एक साथ लाता है.

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