कान्स का 75वां संस्करण खत्म हो चुका है और इस साल का फेस्टिवल पाकिस्तानी फिल्म ‘जॉयलैंड’ (Joyland) के लिए वाकई खास साबित हुआ है। फिल्म ने क्वीर फिल्म (नारीवादी-थीम) के रूप में इतिहास रच दिया, जो प्रतियोगिता खंड में देश की पहली प्रविष्टि थी, जिसने इस वर्ष के फेस्टिवल में दो पुरस्कार जीते।

फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ एलजीबीटी फिल्म के लिए कान्स “क्यूअर पाम” पुरस्कार जीता और “अन सर्टेन रिगार्ड” (Un Certain Regard) प्रतियोगिता में जूरी पुरस्कार जीता।

नवोदित निर्देशक सैम सादिक द्वारा अभिनीत, फिल्म एक ऐसे व्यक्ति की कहानी बताती है जो पितृसत्तात्मक परिवार (patriarchal family) से आता है और एक डांस थियेटर में शामिल होता है जहाँ वह ट्रांसवुमन के प्यार में पड़ जाता है।

फिल्म पर प्रतिक्रिया देते हुए जूरी प्रमुख फ्रांसीसी निर्देशक कैथरीन कोर्सिनी ने कहा “यह एक बहुत ही शक्तिशाली फिल्म है, जो हर उस चीज का प्रतिनिधित्व करती है जिसके लिए हम खड़े हैं” । आगे कोर्सिनी ने कहा अब “जॉयलैंड’ फिल्म दुनिया भर में गूंजेगी । “इसमें मजबूत चरित्र हैं जो जटिल और वास्तविक दोनों हैं। कुछ भी गलत नहीं है। हम इस फिल्म देखकर पागल हो गए थे।”

अपने देश पाकिस्तान की लैंगिक रूढ़ियों को तोड़ने वाली रस्ती फारूक, अलीना खान और सरवत गिलानी अभिनीत इस फिल्म को आलोचकों से सकारात्मक समीक्षा मिली और इसे कान्स फिल्म समारोह में प्रीमियर पर स्टैंडिंग ओवेशन (खड़े होकर तालियाँ ) भी मिली।

“एक सपना सच हो गया है” स्टैंडिंग ओवेशन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, गिलानी ने रॉयटर्स से कहा “ऐसा लगा कि लोग जो कड़ी मेहनत करते हैं, पाकिस्तान में कलाकारों के रूप में हम जिन संघर्षों का सामना करते हैं, वे सभी इसके लायक हो गए हैं।”

स्टैंडिंग ओवेशन मिलने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरवत गिलानी ने कहा आज हमारा “एक सपना सच हो गया है” | ये महसूस हो रहा है की जो मेहनत हम सबने की और आर्टिस्ट के रूप में पाकिस्तान में हम जिन संघर्षों का सामना करते है उन सब का आज मोल अदा हो गया है |

By Satyam

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