September 25, 2022
Pakistani Judicial System: पाकिस्तान में स्वतंत्रता हो रही विलुप्त, उसको अपनी न्यायिक व्यवस्था में सुधार की है जरूरत

Pakistani Judicial System: पाकिस्तान में स्वतंत्रता हो रही विलुप्त, उसको अपनी न्यायिक व्यवस्था में सुधार की है जरूरत

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Pakistani Judicial System: जानकारों का मानना है की, पाकिस्तान तेजी से एक जेल राज्य में बदल रहा है और इसकी न्यायिक प्रणाली (Pakistani Judicial System) में सुधार की सख्त जरूरत है.

यहां तक ​​​​कि अतिरिक्त न्यायिक हत्याओं की संख्या में तेजी से बढ़ती संख्या इसके न्याय वितरण तंत्र के बारे में गंभीर सवाल उठाती है. पाकिस्तान में लोगों पर जुर्म और ज़बरदस्ती की घटनाए आए दिन सामने आतीं हैं.

पाकिस्तान के हालात बेहद गंभीर

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, अल अरबिया पोस्ट में एक विश्लेषण में पाया गया है कि पाकिस्तान पुलिस बल के पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है और वह पूरी तरह से मजबूत नहीं है. छोटे अधिकारियों के पास अपने वरिष्ठों के आदेशों का पालन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता है.

जो अक्सर शक्तिशाली सामंती जमींदारों, व्यापारियों, राजनेताओं या स्थानीय अपराध समूहों के साथ जुड़े होते हैं. इसके अलावा, पाकिस्तान पुलिस को नियमित रूप से आतंकवादियों के साथ-साथ कट्टर अपराधियों से भी निपटना पड़ता है.

कठोर अपराध के खतरनाक वातावरण में संचालन के परिणामस्वरूप, जब संदिग्ध अपराधियों या पक्षपाती समूहों की बात आती है. तो पुलिस के पास प्रक्रिया की अनदेखी करने और अतिरिक्त न्यायिक निष्पादन, जबरन गायब होने और संदिग्धों की हिरासत में यातना की नीति से लोगों को परेशान करने के लिए आज़ाद होते हैं.

पुलिस अपने शक्ति का करती है दुरुपयोग

बता दें की,  पुलिस शक्ति के इस तरह के दुरुपयोग के खिलाफ मामले शायद ही कभी दर्ज किए जाते हैं क्योंकि पुलिस ऐसा करने वालों को परेशान किया जाता है और साथ ही गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी जाती है.

अल अरबिया पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ह्यूमन राइट्स वॉच की 102-पृष्ठ की रिपोर्ट में इन दुर्व्यवहारों की पूरी श्रृंखला को सूचीबद्ध किया गया था. कराची के मलिर जिले के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राव अनवर अहमद खान पुलिस के प्रति अलग दृष्टिकोण हैं.

रिकॉर्ड के अनुसार, अनवर पर मुठभेड़ों में अपराधियों की 444 हत्याओं का इलज़ाम है. इन सभी मुठभेड़ों में पुलिस के मारे जाने की तो बात ही छोड़िए, एक भी पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ.

अनवर अपने राजनीतिक संबंधों के लिए प्रसिद्ध, उनकी बदनामी की सीमा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने उन्हें मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए अपनी प्रतिबंध सूची में शामिल किया था. अनवर पर कई लोगों ने कराची में जमीन हथियाने में शामिल होने, लोगों को अपनी जमीन संपत्ति डेवलपर्स को बेचने के लिए मजबूर करने का भी आरोप लगाया है.

इस तरह से हो रही पुलिस  की मनमानी

पाकिस्तान में जनता पर जुर्म बढ़ रहा है. वहीँ कुछ पुलिस वाले ऐसे हैं जो नेताओं के करीबी होने का फायदा उठाते हैं. बता दें की, पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राव अनवर अहमद खान को दुर्लभ अवसरों पर जहां उन्हें निलंबित किया गया था.

विभिन्न न्यायालयों (Pakistani Judicial System) में उनकी अपीलों के परिणामस्वरूप निलंबन को तेजी से उलट दिया गया. अल अरबिया पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अनवर द्वारा नकीबुल्लाह महसूद की न्यायेतर हत्या के कारण तीव्र सार्वजनिक आक्रोश के बीच उसकी गिरफ्तारी हुई थी. लेकिन उसे जल्दी ही जमानत मिल गई और वह फरार है.

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