Pakistan ने 2018 में चीन से लिया 21.9 अरब डॉलर का ऋण, क़र्ज़ में डूबता जा रहा पाकिस्तान

Pakistan: पाकिस्तान के हालात इस वक़्त खराब चल रहें हैं. वो पुरी तरह से कर्जे में डूबा हुआ है. हालत तो ये हो गई है की अब पाकिस्तान (Pakistan) को कोई लोन देने के लिए भी तैयार नहीं है.

अधिकारिक रिपोर्ट की माने तो, चीन ने पिछले पांच वर्षों में पाकिस्तान और श्रीलंका को लगभग 26 बिलियन डॉलर का लघु और मध्यम अवधि का ऋण दिया है.

क़र्ज़ में डूबा Pakistan

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, चीन ने पिछले पांच वर्षों में पाकिस्तान (Pakistan) और श्रीलंका को लगभग 26 बिलियन डॉलर का लघु (Short term loans) और मध्यम अवधि का ऋण (medium term loans) दिया है. क्योंकि उसका विदेशी ऋण बुनियादी ढांचे से आपातकालीन राहत प्रदान करने की ओर पुनर्स्थापित हो गया है.

अमेरिका के एक विश्वविद्यालय विलियम एंड मैरी की एक शोध रिसर्च एडडाटा में पता चला है कि, साल 2018 के बाद से चीन (China) ने अपने 900 अरब डॉलर के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव में बदलाव किया है.

एडडाटा के कार्यकारी निदेशक ब्रैड पार्क्स ने कहा, “चीन ने परियोजना ऋण से दूर और भुगतान ऋण संतुलन की ओर, आपातकालीन बचाव ऋण देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण तरीके से ध्यान दिया है.”

सरकारी दस्तावेजों और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर एडडाटा द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सरकारी स्वामित्व (State-owned) वाले चीनी बैंकों ने जुलाई 2018 से पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक को अल्पकालिक ऋण में 21.9 बिलियन डॉलर का ऋण दिया है. जबकि अक्टूबर 2018 से श्रीलंका को ज्यादातर मध्यम अवधि के ऋण का 3.8 बिलियन डॉलर प्राप्त हुआ है.

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के समान भूमिका में है चीन

बता दें की, ऋणों से पता चलता है कि चीन अब अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के समान भूमिका निभा रहा है. भुगतान संतुलन संकट के दौरान वित्तपोषण प्रदान कर रहा है, न कि विश्व बैंक-शैली की रियायती परियोजना वित्तपोषण के लिए  जिसकी तुलना आमतौर पर बीआरआई (BRI) उधार से की जाती है.

उच्च अमेरिकी ब्याज दरें और ऊर्जा की कीमतें विकासशील देशों से विदेशी मुद्रा से अलग ले जा रही हैं जो बीआरआई का हिस्सा हैं. जिससे विदेशी मुद्रा ऋण पर चूक का जोखिम बढ़ रहा है. विश्व बैंक के शोधकर्ताओं के अनुसार, चीन का लगभग 60% विदेशी ऋण उन देशों को है जो अब ऋण संकट में हैं.

जानकारी के लिए बता दें की, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने पिछले साल अपने पड़ोसी लाओस (Laos)  के विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने के लिए $ 300 मिलियन का आपातकालीन ऋण जारी किया था.

$200 मिलियन का ऋण दे चुगा है चीन

चीन कितनी तेज़ी सबको लोन दे रहा है ये बात तो किसी से छुपी नहीं है. जानकारी के लिए बता दें की, महामारी के बीच अपनी अर्थव्यवस्था को आसान बनाने के लिए चिली ने 2020 में चीन के साथ एक मुद्रा विनिमय का विस्तार किया था.

जबकि बैंक ऑफ चाइना लिमिटेड ने उसी वर्ष एक महामारी राहत कार्यक्रम के लिए अफ्रीकी निर्यात-आयात बैंक को $200 मिलियन का ऋण दिया था. एडडाटा के कार्यकारी निदेशक ब्रैड पार्क्स के अनुसार, चीन के आपातकालीन ऋण में निश्चित ब्याज दरों के बजाय परिवर्तनीय ब्याज दरें होती हैं.

जैसा कि बुनियादी ढांचे के उधार के साथ भी ये शर्त थी. चीन अपने हिसाब से ब्याज दरों में परिवर्तन करने के लिए स्वतंत्र होता है और जैसे ही कोई देश चीन के खिलाफ जाने की कोशिश करता है, वो ब्याज दर बढ़ा देता है.

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