गोलीबारी के बाद Pakistan ने अफगानिस्तान से लगी सीमा को फिर से खोला

Pakistan: अफगानिस्तान में एक अफगान बंदूकधारी द्वारा पाकिस्तानी (Pakistan) सुरक्षा गार्ड की हत्या करने के एक सप्ताह बाद पाकिस्तान ने पड़ोसी अफगानिस्तान के साथ एक महत्वपूर्ण सीमा पार को फिर से खोल दिया है.

Pakistan ने खोली फिर से खोली सीमा

Dawn से मिली जानकारी के मुताबिक, बलूचिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत के सीमावर्ती शहर चमन में एक अधिकारी शहजाद ज़हरी ने सोमवार को मीडिया को फिर से खोलने की पुष्टि की है.

उन्होंने कहा की, “गतिरोध समाप्त हो गया है और दोनों देशों के बीच पैदल चलने वालों के साथ-साथ व्यापार सहित सभी उद्देश्यों के लिए गतिशीलता फिर से शुरू हो गई है.” अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि चमन सीमा क्रॉसिंग (जिसे फ्रेंडशिप गेट के रूप में भी जाना जाता है) को फिर से खोलने का निर्णय रविवार को पाकिस्तानी और अफगान अधिकारियों के बीच एक बैठक में लिया गया है.

चमन में एक अन्य अधिकारी अब्दुल हमीद जेहरी ने कहा कि अफगान अधिकारियों ने पिछले सप्ताह की घटना पर खेद व्यक्त किया और कार्रवाई का आश्वासन दिया है. चमन सीमा, पाकिस्तान (Pakistan) की प्रांतीय राजधानी क्वेटा के उत्तर-पश्चिम में लगभग 120 किमी की दूरी पर स्थित है. दोनों देशों के बीच सबसे व्यस्त सीमा में से एक है और हर दिन हजारों लोगों द्वारा इस सीमा का उपयोग किया जाता है.

गोलीबारी के बाद Pakistan ने अफगानिस्तान से लगी सीमा को फिर से खोला
गोलीबारी के बाद Pakistan ने अफगानिस्तान से लगी सीमा को फिर से खोला

13 नवंबर को बंद कर दिया था क्रॉसिंग को

क्रॉसिंग को 13 नवंबर को बंद कर दिया गया था. जब सीमा पर तैनात एक पाकिस्तानी (Pakistan) सैनिक पर गोलीबारी की गई थी. इस घटना के बाद दोनों सेनाओं के बीच गोलीबारी हुई थी. रविवार की बैठक में मौजूद चमन चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष इमरान कक्कड़ ने कहा कि वार्ता दोस्ताना माहौल में हुई है.

चमन चैंबर ऑफ कॉमर्स के इमरान कक्कड़ ने कहा कि स्थानीय कारोबारी समुदाय को उम्मीद है कि इस तरह की घटनाओं से क्रॉसिंग का इस्तेमाल करने वाले हजारों व्यापारियों की आजीविका प्रभावित नहीं होगी.

चमन चैंबर ऑफ कॉमर्स के इमरान कक्कड़ ने आगे कहा की, “दोनों देश प्रभावित होते हैं. लोग प्रभावित होते हैं. व्यवसाय प्रभावित होते हैं. इन मुद्दों को केवल बातचीत के माध्यम से हल किया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि व्यापार बंद न हो.”

तालिबान सरकार ने इस घटना की निंदा की थी

पिछले हफ्ते एक बयान में, अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने इस घटना की निंदा की और इसकी जांच के लिए एक तथ्यान्वेषी समिति (fact-finding committee) के गठन का आदेश दिया. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने शुक्रवार को पाकिस्तानी (Pakistan) मीडिया में उन आरोपों को खारिज कर दिया कि हमलावर अफगान सीमा बलों का सदस्य था.

पिछले साल काबुल के अपने कब्ज़ा करने के बाद से, अफगान तालिबान ने इस्लामाबाद के साथ एक असहज संबंध बनाए रखा है. पाकिस्तान (Pakistan) अफगानिस्तान पर सशस्त्र समूहों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने का आरोप लगाता रहता है. हालाँकि तालिबान ने इस आरोप से इनकार किया है.

1990 के दशक के अंत में अफगानिस्तान में सत्ता में आने पर पाकिस्तान पहली तालिबान सरकार को मान्यता देने वाले देशों में से एक था. पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनकी सरकार तालिबान सरकार को तब तक मान्यता नहीं देगी जब तक कि अंतरराष्ट्रीय सहमति नहीं बन जाती.

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