September 29, 2022
Pakistan Price Hike: पाकिस्तान की प्राकृतिक गैस की कीमतों में आया उछाल, 43 प्रतिशत से 235 प्रतिशत की हुई वृद्धि

Pakistan Price Hike: पाकिस्तान की प्राकृतिक गैस की कीमतों में आया उछाल, 43 प्रतिशत से 235 प्रतिशत की हुई वृद्धि

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Pakistan Price Hike: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अधिकांश घरेलू और अन्य सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं से 660 अरब पाकिस्तानी रुपये (PKR) वसूलने के लिए 1 जुलाई से प्राकृतिक गैस की कीमतों को बढ़ा (Pakistan Price Hike) दिया था. ख़बर के मुताबिक ये बढ़त 43 प्रतिशत से 235 प्रतिशत हुई है. जिसको लेकर अब लोगों की चिन्ताएं बढ़ गयीं हैं.

बढ़ी गैस की कीमतें

पेट्रोलियम राज्य मंत्री मुसादिक मलिक ने एक बयान दिया जिसमे उन्होंने कहा की, “लगभग आधे घरेलू उपभोक्ताओं को उछाल से बचाया गया है, लेकिन उच्च वर्ग पर बोझ काफी बढ़ गया है. यह निर्णय पाकिस्तान की कैबिनेट की आर्थिक समन्वय समिति (ECC) द्वारा लिया गया था. ईसीसी (ECC) ने उन घरेलू उपभोक्ताओं पर सबसे अधिक बोझ डाला, जिनकी मासिक खपत चार क्यूबिक मीटर तक है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब उन्हें पांच क्यूबिक मीटर गैस उपभोक्ताओं के साथ जोड़ा गया है. जो पीकेआर (PKR) 3,712 प्रति एमएमबीटीयू (MMBTU) की समान अधिकतम कीमत का भुगतान करेंगे. और उनके लिए मौजूदा कीमतों से 154 प्रतिशत की वृद्धि होगी(Pakistan Price Hike). पिछले दशकों में लंबे समय से चली आ रही कमियों और COVID-19 के झटके ने ऊर्जा क्षेत्र को गंभीर रूप से प्रभावित किया है.

जिसके परिणामस्वरूप बकाया परिपत्र ऋण का एक अस्थिर स्टॉक है जो वित्तीय क्षेत्र, बजट और वास्तविक अर्थव्यवस्था पर भार डालता है. पाकिस्तान (Pakistan) के वित्त मंत्रालय ने कहा की, ईसीसी (ECC) ने पीकेआर (PKR) 100 द्वारा प्रस्तावित दरों के मुकाबले निर्यात और गैर-निर्यात उद्योग कैप्टिव पावर  (captive power)  के लिए गैस दरों को और कम करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही उपभोक्ता गैस बिक्री कीमतों में प्रस्तावित संशोधन को मंजूरी दे दी है.

पाकिस्तानी पेट्रोलियम राज्य मंत्री ने कहीं ये बातें

पेट्रोलियम राज्य मंत्री (Dr Musadiq) ने कहा कि कीमतों में वृद्धि का उद्देश्य गैस क्षेत्र में सर्कुलर ऋण के निर्माण को रोकना है. 2018 से पाकिस्तान (Pakistan) में ऊर्जा की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) ने पूरी दुनिया में गैस की कीमतों में इजाफा किया है. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) के अनुसार, विलंबित मूल्य समायोजन, आस्थगित भुगतान, प्रमुख निवेश को स्थगित करना, और गैर-लक्षित सब्सिडी प्रदान करना, सहित इसके कई कारण हैं.

जुलाई की शुरुवात में ऐसी ख़बरें भी आई थी की पाकिस्तान (Pakistan) में पेट्रोल के दाम बढ़े थे. बता दें की, पाकिस्तान में पेट्रोलियम की कीमतें में 14 से 19 पाकिस्तानी रूपये बढ़ी थीं. जिसके बाद आम लोगों में गुस्सा देखा गया था. केरोसिन की कीमतों में उछाल देखा गया था. बता दें की, पाकिस्तान में पहले से महंगाई से हाहाकार है, अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उछाल के बाद दैनिक चीजों के दामों में बड़ा असर देखने को मिल सकता है.

रिपोर्ट्स की मानें तो पाकिस्तान की आईएमएफ (IMF) के साथ वार्ता विफल होने बाद यह फैसला लिया गया है. ऐसी ख़बरें आई थीं. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) ने वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल से वस्तुओं पर सब्सिडी को समाप्त करने की बात कही थी. पाकिस्तान की भी हालत ज्यादा बेहतर नहीं है. भारत के सभी पड़ोसी देशों की आर्थिक  हालत गंभीर है. श्रीलंका से लेकर पाकिस्तान तक हर जगह महंगाई की मार है.

 

 

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