पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने घोषणा की है कि पाकिस्तान को जून में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ एक समझौते पर पहुंचने की उम्मीद है | उन्होंने कहा देश को अगले वित्तीय वर्ष में विदेशी कर्ज के रूप में $ 36-37 बिलियन की आवश्यकता होने का अनुमान है।

उन्होंने खुलासा किया कि वर्तमान में सरकार वैश्विक पूंजी बाजार (global capital market) और वाणिज्यिक बैंकों (commercial banks) से ताजा विदेशी ऋण जुटाने पर विचार नहीं कर रही है, क्योंकि देश के अंतरराष्ट्रीय बांडों ने अपने मूल्य का लगभग 1/3 वैल्यू खो दिया है, जबकि उनकी ब्याज दर में काफी वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा इस समय आर्थिक विकास के बजाय महंगाई पर नियंत्रण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और “मुद्रास्फीति नियंत्रण से आर्थिक विकास होगा ” यह उन्होंने शनिवार को अर्थव्यवस्था पर आयोजित एक राष्ट्रीय संवाद में कहा |

वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा, “पाकिस्तान के लिए कृषि रक्षा की पहली पंक्ति बनी हुई है।” हालांकि, देश अभी भी अगले वित्त वर्ष 2022-23 में अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए 3 मिलियन टन गेहूं , 4 मिलियन टन कुकिंग ऑयल और 5 मिलियन गांठ कपास का आयात करेगा। जिसका मूल्य 6 बिलियन डॉलर से भी अधिक होगा |

इस्माइल ने बाहरी कर्ज की आवश्यकता का विवरण देते हुए कहा, पाकिस्तान को अगले वित्तीय वर्ष में 21 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज चुकाना है।इसके अलावा, देश को चालू खाते के घाटे (current account deficit) को पूरा करने के लिए और 10-15 अरब डॉलर की जरूरत होगी। सरकार अगले साल देश के विदेशी मुद्रा भंडार को 5 अरब डॉलर बढ़ाकर 15 अरब डॉलर करने का भी लक्ष्य बना रही है।

Note – पाकिस्तान में वित्त वर्ष 1 जुलाई से शुरू होता और 30 जून को ख़तम होता है |

इस्माइल ने कहा, “इसलिए IMF ऋण कार्यक्रम (6 अरब डॉलर मूल्य) से जुड़ना जरूरी है ताकि देश को चलाने के लिए आवश्यक कर्ज की व्यवस्था की जा सके |

अप्रैल की शुरुआत में जब PML-N (नवाज शरीफ के पार्टी ) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार सत्ता में आई तो पाकिस्तान के अमेरिकी डॉलर मूल्यवर्ग के अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड का मूल्य लगभग 30% कम हो गया है | अप्रैल की शरुआत में $ 1 बांड 70 सेंट पर कारोबार कर रहा था और अब यह 65 सेंट पर कारोबार कर रहा है |

मंत्री ने कहा, “इसका मतलब है कि हम नए फंड जुटाने के लिए विश्व बाजार में यूरोबॉन्ड नहीं ला सकते हैं और न ही हम (वैश्विक) वाणिज्यिक बैंकों में जा सकते हैं।”

“बहुपक्षीय संस्थानों से ऋण लेने के लिए, यह IMF कार्यक्रम में होना आवश्यक है। यह विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक … और विशेष रूप से चीन के नेतृत्व वाले एशियाई बुनियादी ढांचा निवेश बैंक से वित्तपोषण को अनलॉक करता है … हर कोई IMF कार्यक्रम के पुनरुद्धार की प्रतीक्षा कर रहा है, ”उन्होंने कहा।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी सऊदी अरब और अन्य मित्र देशों से वित्तपोषण प्राप्त करने के लिए गए थे। “वे ऋण देने के लिए तैयार हैं, लेकिन हमारे IMF कार्यक्रम में प्रवेश करने के बाद ही।”

IMF ने अपने ऋण कार्यक्रम के पुनरुद्धार को पेट्रोलियम उत्पादों पर सब्सिडी हटाने से जोड़ा है। “मैं भी सब्सिडी समाप्त करने के पक्ष में हूं … क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था ऊर्जा सब्सिडी में प्रति माह 120-140 अरब रुपये का भुगतान नहीं कर सकती है।”

उन्होंने बताया कि सब्सिडी राशि सरकार चलाने के लिए प्रति माह 41-42 अरब रुपये की लागत का तीन गुना है।

वित्त मंत्री ने कहा, “यह (ऊर्जा सब्सिडी) सब्सिडी पाकिस्तान वहन नहीं कर सकता है ,और अगर हम करते रहे तो देश दिवालिया हो सकते हैं। इसीलिए उनकी सरकार ने शुक्रवार (27 मई) से सब्सिडी को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी जिसमे पेट्रोलियम की कीमतों में 30 पाकिस्तानी रूपये की बढ़ोतरी की गयी है |

इस्माइल ने दोहराया कि पीएम शरीफ ने गरीबों के लिए 28 अरब रुपये के पैकेज की घोषणा की, जिसके तहत उन्हें मुद्रास्फीति में वृद्धि से बचाने के लिए प्रति परिवार 2,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे।“प्रति माह 40,000 रुपये से कम कमाने वाला हर व्यक्ति 2,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता के लिए पात्र है।”

इस्माइल ने कहा, “युवा आबादी वाले बढ़ते राष्ट्र में उच्च आर्थिक विकास हासिल करना कोई बड़ा काम नहीं था, लेकिन चालू खाता घाटे के बिना सतत आर्थिक विकास हासिल करना कठिन है।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि आयात बिल में कटौती के लिए देश को वास्तव में कृषि पैदावार बढ़ाने की जरूरत है।

वित्त मंत्री ने सभी राजनीतिक दलों को अर्थव्यवस्था के चार्टर को तैयार करने के लिए आमंत्रित किया, जिसमें राजनीतिक मतभेदों को अलग करके न्यूनतम आर्थिक एजेंडा शामिल हो सकता है | इस पर बोलते हुए पिछली सरकार के वित्त मंत्री शौकत तारिन ने घोषणा की कि वह भी अर्थव्यवस्था के राष्ट्रीय स्तर के चार्टर के पक्ष में हैं।

उन्होंने कहा, “हम आम चुनाव होने के बाद ही अर्थव्यवस्था का चार्टर तैयार करने पर विचार करेंगे।”

By Satyam

Leave a Reply