Pakistan Crisis: कपास की कमी के चलते Pakistan की कपड़ा फैक्ट्रियां हुई बंद

Pakistan Crisis: पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले से ही डूबी चल रही है. इस बीच खबर आई है की, पाकिस्तान की कपड़ा फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर आ गई है. कपास (cotton) की कमी ने बाढ़ के बाद मालिकों को कपड़ा कारखानों को बंद करने के लिए मजबूर कर दिया है.

Geo न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, मिल बंद होने से इस क्षेत्र को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. जिसमें लगभग 1 करोड़ लोग कार्यरत हैं. यह पाकिस्तान अर्थव्यवस्था का 8 प्रतिशत हिस्सा है.

Cotton की कमी से Pakistan Crisis

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, जहां बड़ी फर्में कम प्रभावित होती हैं. क्योंकि उनके पास अच्छी तरह से स्टॉक है. वहीं अमेरिका और यूरोप में निर्यात के लिए बेडशीट और तौलिये बनाने वाली पाकिस्तान की छोटी फैक्ट्रियां बंद होने लगी हैं.

पाकिस्तान टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के संरक्षक खुर्रम मुख्तार ने कहा कि अच्छी गुणवत्ता वाले कॉटन की कमी, उच्च ईंधन लागत और खरीदारों से भुगतान की खराब वसूली के कारण मिले बंद करनी पड़ रही हैं.

खुर्रम मुख्तार ने आगे कहा कि कि नाइके, एडिडास एजी, प्यूमा एसई और टारगेट कॉर्प जैसी वैश्विक कंपनियों की आपूर्ति करने वाली बड़ी कंपनियां अच्छी तरह से स्टॉक हैं और इसलिए, वे कम प्रभावित हुई हैं.

बाढ़ की वजह से कपास की फसल हुई बर्बाद

जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में आई बाढ़ ने पाकिस्तान के एक तिहाई हिस्से को जलमग्न कर दिया है. जिसमें 1,600 से अधिक लोग मारे गए और लगभग 35 प्रतिशत कॉटन की फसल को नुकसान पहुंचा है.

पाकिस्तान में इन दिनों मुसीबत के बादल छाए हुए हैं. बाढ़ और बारिश के चलते पाकिस्तान में इस वक़्त सब कुछ डूब गया है. पाकिस्तान में बाढ़ के चलते ऐसे हालात हो गए हैं की, लोगों के पास न खाने को खाना बचा है और न रहने के लिए छत.

कॉटन (cotton) फैक्ट्री भी उस दौरान बंद हो रहीं हैं जब पाकिस्तान पहले से ही उच्च मुद्रास्फीति और गिरते मुद्रा भंडार से जूझ रहा है. लोगों के पास इनकम का साधन भी घटता जा रहा है. पाकिस्तान के तटीय शहर कराची में कपड़ा उद्योग गहरे संकट में हैं. कारखाने के मालिकों ने कई फैक्ट्री बंद कर दीं हैं.

इसके अलावा बता दें की, उद्योगपतियों के मुताबिक, ऐसे उद्योग चलाना मुश्किल हो गया है. यदि कपड़ा क्षेत्र को सस्ती दरों पर उपयोगिताएं प्रदान नहीं की जाती हैं, तो आने वाले दिन और कठिन होंगे.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने किया था पाकिस्तान का दौरा

हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी पाकिस्तान का दौरा किया था. और बाढ़ से जूझ रहे मुल्क को जल्दी जल्दी राहत पहुँचाने का भी आश्वासन दिया था. पाकिस्तान का एक वक़्त में ऐसा हाल हो गया था की कोई उसे क़र्ज़ तक देने को नहीं तैयार था.

जानकार बता रहे थे की अगर पाकिस्तान की हालत ऐसे ही रही तो वो दिन दूर नहीं जब पाकिस्तान का हाल श्रीलंका से भी बुरा होगा. हालाँकि, वहां की सरकार ने बीते दिनों पेट्रोल के दामों को कम किया था. लेकिन फिर भी पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ रखी है.

 

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