Shahbaz Sharif: भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहते हैं पाक Pm शहबाज शरीफ

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) ने गुरुवार को कहा कि उनका देश भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहते है.  जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों के अनुसार जम्मू-कश्मीर विवाद का न्यायसंगत और शांतिपूर्ण समाधान शामिल है.

नील हॉकिन्स के साथ एक बैठक के दौरान शरीफ ने कहीं ये बातें

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) भारत के साथ एक शांतिपूर्ण संबंध चाहतें हैं. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने पाकिस्तान में नव नियुक्त ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त नील हॉकिन्स के साथ एक बैठक के दौरान यह टिप्पणी की, जिन्होंने इस्लामाबाद में उनसे मुलाकात की थी.

पीएम शहबाज ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की इच्छाओं के अनुसार जम्मू-कश्मीर विवाद का न्यायसंगत और शांतिपूर्ण समाधान क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए अपरिहार्य है.”

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इस संबंध में एक सहायक भूमिका निभानी होगी. क्योंकि यह दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के लिए आवश्यक है.

Shahbaz Sharif का बयान पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की सराहना करने के बाद आया है. क्योंकि उन्होंने पश्चिमी देशों को रूसी तेल खरीदने के लिए भारत की आलोचना करने के लिए नारा दिया था.

सत्ता से बेदखल होने के बाद से इमरान खान ने यह बोला

मिली जानकारी के मुताबिक, अप्रैल में सत्ता से बेदखल होने के बाद से इमरान खान ने उनके खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाली विदेशी साजिश की निंदा की है. जो बिडेन प्रशासन की आलोचना करते हुए.  इमरान खान ने कई मौकों पर भारत की सराहना की कि उसने पश्चिम की मांग को नहीं माना और अमेरिका के रणनीतिक सहयोगी होने के बावजूद रूसी तेल खरीदना जारी रखा.

पिछले हफ्ते लाहौर में एक विशाल सभा के दौरान, इमरान खान की पीटीआई पार्टी ने जून में आयोजित ब्रातिस्लावा फोरम से भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की एक वीडियो क्लिप चलाई थी. जहां भारतीय मंत्री ने कहा कि नई दिल्ली वह करेगी जो उनके लोगों के लिए सबसे अच्छा होगा.

इमरान खान ने EAM जयशंकर के हवाले से कहा की, “जब भारतीय विदेश मंत्री को रूसी तेल नहीं खरीदने के लिए कहा गया था. उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति तय करने वाले वे कौन होते हैं. यूरोप रूस का तेल खरीद रहा है और लोगों को इसकी जरूरत है. उन्होंने कहा कि वे इसे खरीदना जारी रखेंगे.”

अमेरिकी दबाव के आगे झुकने के लिए Shahbaz सरकार की हुई खिंचाई

दोनों देशों के बीच तुलना करते हुए, पीटीआई प्रमुख ने रूसी तेल खरीदने पर अमेरिकी दबाव के आगे झुकने के लिए शहबाज सरकार की खिंचाई की. उन्होंने कहा, “हमने सस्ता तेल खरीदने के बारे में रूस से बात की थी लेकिन इस सरकार में अमेरिकी दबाव को ना कहने की हिम्मत नहीं है. ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं. लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं. मैं इस गुलामी के खिलाफ हूं.”

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने आगे कहा की, ‘अगर भारत को पाकिस्तान के साथ ही आजादी मिली और अगर नई दिल्ली अपने लोगों की जरूरत के हिसाब से अपनी विदेश नीति पर कड़ा रुख अख्तियार कर सकती है. तो वे (शहबाज शरीफ सरकार) कौन हैं, जो लाइन पर चल रहे हैं.”

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