Gilgit-Baltistan के भविष्य को बर्बादी की ओर ले जा रहा चीन और पाकिस्तान

Gilgit-Baltistan: गिलगित-बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) में पाकिस्तान और चीन के आपसी हितों के चलते स्थाई जनता को खाम्याज़ा भुगतना पड़ रहा है. ना सिर्फ लोगों का बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का भी शोषण हो रहा है.

वैसे बता दें की, गिलगित-बाल्टिस्तान वो जगह है जिसको पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के कब्ज़े वाले इलाके को दो भागों में बांट रखा है. आज़ाद कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan). शक्सगम वैली भी कभी पाकिस्तान के कब्ज़े में था लेकिन बाद में पाकिस्तान ने चीन को यह घाटी गिफ्ट के तौर पर दे दी थी.

Gilgit-Baltistan का गला घोट रहे चीन और पाकिस्तान

अल अरबिया पोस्ट से मिली जानकारी के मुताबिक, हाल ही में, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) क्षेत्र के गिलगित बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) ने भारी करों के खिलाफ अवामी एक्शन कमेटी (AAC) ने विरोध रैली निकाली है. इस रैली के निकलते ही यह एक चर्चा का विषय बन गई.

Gilgit-Baltistan के भविष्य को बर्बादी की ओर ले जा रहा चीन और पाकिस्तान
Gilgit-Baltistan के भविष्य को बर्बादी की ओर ले जा रहा चीन और पाकिस्तान

गिलगित बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) में भयंकर विरोध प्रदर्शन हुआ है. जिसके बाद स्थाई सरकार ने रैली की अध्यक्षता कर रहे लोगो को गिरफ्तार भी कर लिया है. प्रदर्शनकारियों ने अध्यक्ष फ़िदाह हुसैन और कई अन्य वरिष्ठ AAC नेताओं सहित अपने नेताओं की गिरफ्तारी पर अपना असंतोष व्यक्त किया है. 2022 की शुरुआत में, गेहूं की कीमतों में घटी हुई सब्सिडी का विरोध करने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा एक और विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था.

Gilgit-Baltistan अब कर रहा विरोध प्रदर्शन

जिसके बाद से पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस विरोध प्रदर्शन को कोई तवज्जो नहीं दिया और रैली निकाल रहे लोगों पर सख्त कार्यवाई की है. जानकारों द्वारा ऐसा माना जाता है की, पाकिस्तान अपने संसाधनों के मामले में गिलगित बाल्टिस्तान का पूर्ण रूप से शोषण कर रहा है और स्थानीय लोगों को उनके मुनाफे का कोई हिस्सा नहीं दे रहा है. अल अरबिया पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, लोगों की यह नाराजगी दशकों पुरानी है.

स्थानीय लोग अब इस बात को महसूस कर रहे हैं की, पाकिस्तान उनका शोषण कर रहा है. पाकिस्तान गिलगित-बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) को उसके हिस्से की चीज़े नहीं देता है और अगर वहां की जनता इसका विरोध करती है तो उनके साथ पाकिस्तानी अधिकारी दुर्व्यवहार करते हैं. गिलगित बाल्टिस्तान के लोग अब पाकिस्तान और चीन की असलियत जान चुगे हैं.

चीन को इसलिए गिलगित बाल्टिस्तान में है इतना इंटरेस्ट

बता दें की, बीजिंग की अपनी महत्वाकांक्षी चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (China–Pakistan Economic Corridor) परियोजना की इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है. बताया जाता है की यह परियोजना बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के अंतर्गत आती है.

अल अरबिया पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में बीजिंग द्वारा किए गए महत्वपूर्ण निवेशों को देखते हुए चीन अपने हितों की रक्षा को मद्देनज़र रखते हुए गिलगित-बाल्टिस्तान को प्रांतीय दर्जा ( provincial status) देना चाहता है. जिसके लिए वो बार-बार पाकिस्तान के ऊपर दबाव बनता रहता है.

बता दें की, यह क्षेत्र चीन के झिंजियांग उइगुर स्वायत्त क्षेत्र (Xinjiang Uygur autonomous region) के साथ सीमा साझा करता है. 1978 से चीन और गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तान से जोड़ने वाले कराकोरम राजमार्ग के निर्माण के बाद से यह अरब सागर के लिए चीन का एकमात्र सड़क मार्ग रहा है.

 

 

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