September 25, 2022
Padma Bridge: पद्मा ब्रिज श्रेय लूटना चाहता है चीन, बांग्लादेश ने किया कड़ा विरोध

Padma Bridge: पद्मा ब्रिज श्रेय लूटना चाहता है चीन, बांग्लादेश ने किया कड़ा विरोध

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Padma Bridge: पद्म पुल (Padma Bridge) के निर्माण के लिए चीन (China) द्वारा क्रेडिट चोरी करने की कोशिश का बांग्लादेश (Bangladesh) ने जोरदार विरोध किया है. चीन (China) के राजदूत के इस व्यवहार की वजह से अब बीजिंग में चिंता बढ़ गई है और इसके साथ ही चीन की सड़क परियोजना (BRI) पर भी सवाल उठ रहें हैं.

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहीं ये बातें

सभी विवादों के बीच बांग्लादेश विदेश मंत्रायल की तरह से अब एक अधिकारिक बयान ज़ारी किया गया है. “विदेश मंत्रालय स्पष्ट रूप से दावा करता है कि पद्मा बहुउद्देशीय पुल को पूरी तरह से बांग्लादेश सरकार द्वारा वित्त पोषित किया गया है. और किसी भी द्विपक्षीय या बहुपक्षीय वित्त पोषण एजेंसी के किसी भी विदेशी फंड ने इसके निर्माण में आर्थिक रूप से योगदान नहीं दिया है.”

मिली जानकरी के मुताबिक, बांग्लादेश (Bangladesh) की प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा (Prime Minister Sheikh Hasina) 25 जून को पुल का औपचारिक उद्घाटन किया गया था. विदेश मंत्रालय ने इसके साथ ही ये भी कहा की, पद्म पुल (Padma Bridge) के निर्माण को लेकर गलत खबरें फैलाई जा रही है. उनका कहना है की ये बात बिलकुल झूठ है की इस पुल को बनाने में किसी अन्य कंपनी ने निवेश किया है.

किया जा रहा गलत प्रचार

विदेश मंत्रालय का कहना है की, उसके बयान के बाद भी दुश प्रचार किया जा रहा है. जनता के बीच गलत संदेश दिया जा रहा है की इस पुल के निर्माण में चीन के (BRI) का निवेश और सहयोग है लेकिन, ये बात बिलकुल ही जुठ है. बता दें की, ढाका (Dhaka) में चीन (China) के राजदूत ली जिमिंग को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था.

चीनी दूतावास (chinese Embassy) से बांग्लादेश ने एक मीटिंग में अपनी नाराज़गी व्यक्त की थी. उन्होंने यह स्पष्ट किया था की, बांग्लादेश सरकार (Bangladesh Government) ने पुल निर्माण में पूरा खर्चा किया है. बता दें की पुल के उद्घाटन में बांग्लादेश ने चीन के राजदूत ली जिमिंग  (Li Jiming) को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था. जिसके बाद से बांग्लादेश ने उनसे दुष्प्रचारको लेकर शिकायत भी की थी.

बांग्लादेशी और विदेशी निर्माण फर्म हैं शामिल

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, पुल के निर्माण में बांग्लादेशी और विदेशी निर्माण फर्म दोनों शामिल थे. पुल के निर्माण में 20 विदेशी निर्माण फर्मों की तकनीक शामिल थी. जिसमे  चीनी, भारतीय, अमेरिकी, ब्रिटिश, जर्मन, जापानी और ताइवानी फर्मों के अलावा भी कई और फर्में शामिल हैं. बांग्लादेश ने इस बात को सुनिशित किया की वो चीन के क़र्ज़ वाले जाल में नहीं फसेगा और न ही झुकेगा.

बता दें की पद्मा नदी बांग्लादेश में गंगा की प्रमुख धारा है. इस पुल के निर्माण के बद से जनता भी काफ़ी खुश है. बता दें की 22 जून को प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस पुल का उद्घाटन किया था. उद्घाटन के बाद से ही ये पुल चर्चा का विषय बना हुआ था. और इस पुल को लेकर विवाद और गलत धारणाएँ लोगों में पहुँच रहीं थी. जिसके चलते बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अपने बयानों में सब कुछ स्पष्ट किया था.

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