India-China के बीच सीमा स्थिति को लिए विपक्ष ने लोकसभा उठाई आवाज़

India-China: चीन-भारत (India-China) सीमा मुद्दे पर चर्चा की विपक्ष की लगातार मांग के बीच लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार को दूसरी बार स्थगित कर दी गई है. पहले स्थगन के बाद जैसे ही दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, विपक्षी सदस्यों ने फिर से इस मुद्दे पर चर्चा की मांग उठाई और नारेबाजी की है.

India-China मुद्दे पर भड़का विपक्ष

हिंदुस्तान टाइम्स से मिली जानकारी के मुताबिक, हंगामे के बीच स्थायी समिति की रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज सदन में पेश किये गए हैं. संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि चूंकि शीतकालीन सत्र शुक्रवार को समाप्त होगा, इसलिए महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को होने दिया जाना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में जब यूपीए (UPA) सत्ता में थी. तो ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर सदन में चर्चा नहीं होने दी जाती थी. कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे राजेंद्र अग्रवाल ने सदस्यों से सदन को सुचारू रूप से चलने देने का आग्रह किया क्योंकि गुरुवार व्यावहारिक रूप से विधायी कार्य करने का अंतिम दिन था.

कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी

बताया जा रहा है की, विपक्ष के न मानने पर उन्होंने कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार (13 दिसंबर) को संसद को बताया कि भारतीय सेना (India-China) ने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर यथास्थिति को बदलने के चीन के प्रयास का विरोध किया और घुसपैठ में लगे पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (India-China) के सैनिकों को पीछे धकेल दिया था. उन्होंने कहा कि झड़प में भारतीय और चीनी दोनों सैनिकों को कुछ चोटें आई थीं.

रक्षा मंत्री ने लोकसभा को बताया था कि 9 दिसंबर को पीएलए (PLA) के सैनिकों ने अरुणाचल प्रदेश (India-China) में तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में एलएसी के पार घुसपैठ की और एकतरफा रूप से यथास्थिति को बदलने का प्रयास किया था.

India-China के बीच सीमा स्थिति को लिए विपक्ष ने लोकसभा उठाई आवाज़
India-China के बीच सीमा स्थिति के लिए विपक्ष ने लोकसभा में उठाई आवाज़

भारतीय सैनिकों ने चीन (India-China) की इस कोशिश का दृढ़ता से विरोध किया और इस फेसऑफ़ में हाथापाई हुई. आगे रक्षा मंत्री ने कहा, “हमारी सेना ने बड़ी बहादुरी के साथ पीएलए की घुसपैठ को रोका और उन्हें अपनी चौकी पर लौटने के लिए मजबूर किया.”

रक्षा मंत्री ने कहीं ये बातें

उन्होंने कहा कि झड़प में दोनों पक्षों के कुछ सैनिकों को कुछ चोटें आईं थीं. लेकिन कोई भी भारतीय सैनिक नहीं मारा गया या गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ. इसके बाद सेना के स्थानीय कमांडर ने 11 दिसंबर को अपने चीनी समकक्ष के साथ फ्लैग मीटिंग की थी. जहां चीनी पक्ष से सीमा पर शांति बनाए रखने को कहा गया था. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राजनयिक स्तर पर भी चीनी पक्ष के साथ इस मामले को उठाया गया है.

सूत्रों ने मीडिया को बताया था कि दोनों पक्षों के सैनिकों ने एक दूसरे को लाठी और डंडों से पीटा था. सूत्रों ने कहा कि झड़प में घायल हुए भारतीय सैनिकों का गुवाहाटी के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है. जून 2020 में पूर्वी लद्दाख में गलवान में घातक घटना के बाद से भारतीय सैनिकों और पीएलए की यह सबसे करीबी मुठभेड़ थी.

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