Switzerland में अब सार्वजनिक जगहों पर हुआ 'बुर्का बैन', कानून तोड़ने पर लगेगा 1000 डॉलर का जुर्माना

Switzerland: स्विस सरकार अब सार्वजनिक जगहों पर बुर्का पहनने को लेकर एक कानून पारित करने जा रही है. कोई भी महिला अब सार्वजनिक स्थान पर बुर्का नहीं पहन सकती. और अगर वो ऐसा करती हैं तो उन पर 1000 डॉलर का जुर्माना लगाया जाएगा. बुर्का बैन को लेकर स्विज़ सरकार काफी समय से एक सख्त कानून लाने की सोच रही थी.

Switzerland में सार्वजनिक स्थानों पर नहीं पहन सकते बुर्का

Aljazeera से मिली खबर के मुताबिक, स्विट्जरलैंड (Switzerland) में सार्वजनिक जगहों पर हिजाब पहनने या चेहरा ढकने पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी चल रही है. नियमों का उल्लंघन करने पर 1000 डॉलर का जुर्माना लगाएगी स्विज़ सरकार.

Aljazeera की रिपोर्ट की माने तो, स्विज़ सरकार (Switzerland) ने जो कानून पारित करने की बात कही है उसमें बुर्का या नकाब का नाम नहीं है. लेकिन लोगों को सार्वजनिक परिवहन, रेस्तरां या सड़क पर चलने जैसे सार्वजनिक स्थानों पर अपना चेहरा छिपाना नहीं है. वरना सरकार उन पर जुर्माना वसूलेगी.

एक अधिकारिक ब्यान में कहा गया है की, “चेहरे को ढंकने पर प्रतिबंध का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करना है. सजा प्राथमिकता नहीं है.” चेहरे को ढंकने पर प्रतिबंध लगाने की पहल दक्षिणपंथी स्विस पीपुल्स पार्टी के राजनेताओं सहित एक समूह एगरकिंगर कोमिटी (Egerkinger Komitee) द्वारा शुरू की गई थी. उनका कहना था की चेहरे को ढकना यानी देश में इस्लाम को बढ़ावा देना है.

Switzerland में अब सार्वजनिक जगहों पर हुआ 'बुर्का बैन', कानून तोड़ने पर लगेगा 1000 डॉलर का जुर्माना
Switzerland में अब सार्वजनिक जगहों पर हुआ ‘बुर्का बैन’, कानून तोड़ने पर लगेगा 1000 डॉलर का जुर्माना

बताया जा रहा है की, संसद द्वारा मसौदा कानून को हरी झंडी मिलने के बाद यह बिल स्विट्जरलैंड (Switzerland) में लागू होगा. अरब न्यूज़ का कहना है की, स्विज़ सरकार ने अभिव्यक्ति की आजादी के मौलिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए मास्क पहनने की अनुमति दी है. क्योंकि जिस तरह से कोरोना ने बीते वर्षों तबाही मचाई है सरकार नहीं चाहती की ऐसा संक्रमण रोग दोबारा देश में फैले.

सार्वजनिक स्थान पर नहीं ढ़क सकते चेहरा

अरब न्यूज़ के अनुसार, स्विट्जरलैंड (Switzerland) में पिछले साल सार्वजनिक रूप से चेहरे को ढंकने पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित हुआ था. उस वक़्त यह प्रसताव उस ही समूह द्वारा पेश किया गया था जिन्होंने 2009 में इस्लामी मीनारों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा था.

हालाँकि, बता दें की मुस्लिम समूह इसका हमेशा से ही विरोध कर रहे हैं. मुसलमानों की संख्या 8.6 मिलियन लोगों की स्विस आबादी का 5 प्रतिशत है. यहाँ पर अधिकांश लोग तुर्की, बोस्निया और हर्जेगोविना और कोसोवो के हैं.

स्विट्जरलैंड (Switzerland) में इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन के फेडरेशन का कहना है की , “संविधान में इस तरह की तबदीली करना सरासर गलत है.” मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो, कैबिनेट ने कहा कि चेहरे को ढंकने पर बैन का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करना है.

फ्रांस में भी हैं बुर्का बैन

ना स्विट्जरलैंड सार्वजनिक जगहों पर मुह ढकने की बात कह रहा है बल्कि, फ्रांस पहले से ही इस पर प्रतिबंध लगा चुगा है. सार्वजनिक रूप से पूरे चेहरे को ढंकने पर प्रतिबंध पहली बार 11 अप्रैल 2011 में फ्रांस ने लगाया था.

बुर्का और हिजाब को लेकर पूरी दुनिया में विवाद छिड़ा हुआ है. ईरान में महसा अमीनी की मौत के बाद से प्रदर्शन चालू है. बताया जा रहा है की उनको हिजाब न पहनने की वजह से ईरानी पुलिस ने मार दिया था. महसा की उस वक़्त ही मौत हुई थी जब वो पुलिस कस्टडी में थीं.

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