अमेरिका के टेक्सास राज्य से दुखद खबर आई है जहां मंगलवार सुबह (स्थानीय समयानुसार) एक प्राथमिक विद्यालय में 18 साल के युवक ने ताबड़तोड़ गोलीबारी कर 21 लोगों की जान ले ली। मृतकों में 19 बच्चे व दो शिक्षक हैं। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में हमलावर को मार गिराया। स्कूल में फायरिंग के पूर्व उसने अपनी दादी को गोली मारी, वह गंभीर है। राष्ट्रपति जो बाइडन ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए चार दिन के शोक का एलान किया। उन्होंने यह भी कहा कि अब एक्शन का वक्त आ गया है।

टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट के अनुसार गोलीबारी रॉब प्राथमिक विद्यालय में हुई। एबॉट ने कहा कि यह घटना 2012 सैंडी हुक प्राथमिक विद्यालय में हुई गोलीबारी से ज्यादा घातक है। हमलावर ने दूसरी, तीसरी और चौथी क्लास में पढ़ने वाले मासूम बच्चों को अपनी गोली का निशाना बनाया है। 2012 में सैंडी हुक प्राथमिक विद्यालय में 20 बच्चों को इसी तरह मौत के घाट उतारा गया था।

अपनी ही दादी को निशाना बनाया, फिर पहुंचा स्कूल

अमेरिकी स्कूल में गोलीबारी की ताजा घटना टेक्सास के छोटे से शहर उवाल्डे में हुई है। यहां की आबादी 20,000 से भी कम है। गवर्नर एबॉट के अनुसार, हमलावर का नाम सल्वाडोर रामोस है। इसी इलाके का रहने वाला था। CNN के अनुसार हमलावर बंदूकधारी ने सबसे पहले अपनी दादी को निशाना बनाया। इसके बाद उसने 19 बच्चों को गोली मार दी। दो शिक्षक भी उसकी चपेट में आ गए। दादी की हालत गंभीर बताई गई है। स्कूल में 600 विद्यार्थी पढ़ते हैं। हमले में कई घायल हुए हैं। एक 60 वर्षीय महिला व 10 साल की बच्ची की हालत गंभीर है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने जताया दुःख , चार दिन का शोक

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस गोलीबारी की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्कूल रॉब एलीमेंट्री स्कूल की घटना काफी दुखद है। उन्होंने गोलीबारी में मारे गए बच्चों व शिक्षकों के सम्मान में देश में चार दिन का शोक घोषित किया है। इस दौरान सभी सैन्य और नौसेना के जहाजों, स्टेशनों सहित विदेशों में सभी अमेरिकी दूतावासों और अन्य कार्यालयों में 28 मई को सूर्यास्त तक अमेरिकी ध्वज आधा झुकाने का एलान किया। बाइडन ने टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट के साथ बात की, ताकि उन्हें स्कूल में हुई गोलीबारी के मद्देनजर सहायता की जा सके।

राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, ‘एक राष्ट्र के रूप में, हमें सोचना होगा कि भगवान के नाम पर कब तक हम गन लॉबी के सामने लाचार खड़े रहेंगे या वह करेंगे जो करने की जरूरत है। दिवंगत बच्चों के माता-पिता अपने बच्चों को फिर कभी नहीं देख पाएंगे। अब कुछ करना ही पड़ेगा। हमें उन लोगों को सबक सिखाने की जरूरत है, जो इस तरह कानून के खिलाफ जाकर बंदूक उठाते हैं, हम इसे माफ नहीं करेंगे।

2012 में हुई न्यूटाउन फायरिंग जैसी घटना

साल 2012 में अमेरिका के न्यू टाउन के सैंडी हुक स्कूल में भी ऐसी ही गोलीबारी हुई थी, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में 20 स्कूली बच्चे और 6 टीचर शामिल थे। 20 वर्षीय एडम लांजा नामक हत्यारे ने कत्लेआम को अंजाम दिया था। टेक्सास की घटना भी उस फायरिंग से मिलती-जुलती है। न्यूटाउन में एडम लांजा ने अपनी मां की हत्या करने के बाद स्कूल में अंधाधुंध गोलीबारी की थी। बाद में उसने खुद को भी गोली मार ली थी। टेक्सास फायरिंग में भी हमलावर ने स्कूल आने से पहले अपनी दादी को गोली मार दी थी।

हर साल अमेरिका में बढ़ रही है गोलीबारी की घटनाएं

इस साल में अब तक अमेरिका के 27 स्कूलों में गोलीबारी हो चुकी है। वहीं देशभर में गोलीबारी की 200 से ज्यादा घटनाएं सामने आ चुकी हैं। नेशनल गन वायलेंस मेमोरियल के आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में अमेरिका में गोलीबारी के 693 मामले सामने आए, 2020 में 611 मामले और 2019 में गोलीबारी की 417 घटनाएं दर्ज की गई थीं। आंकड़ों से साफ जाहिर है कि अमेरिका में गोलीबारी के मामले हर साल बढ़ रहे हैं।


By Satyam

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