Nitish Kumar ने ली 8वीं बार बिहार के CM पद की शपथ, तेजस्वी यादव बने डिप्टी CM

Nitish Kumar: नीतीश कुमार ने 8वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है. जनता दल (जद-यू) के नेता नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ एक नए ‘महागठबंधन’ की घोषणा करने के बाद बुधवार (10 अगस्त) को आठ बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली.

नीतीश कुमार फिर बने मुख्यमंत्री

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने 8वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है. पटना स्थित राजभवन में राज्यपाल फागू चौहान ने बुधवार दोपहर में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. उनके साथ राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की है.

बता दें की, नीतीश कुमार ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से गठबंधन तोड़ने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद, नीतीश (Nitish Kumar) और अन्य नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और अपने नए महागठबंधन की घोषणा की.

जिसमें सात दल शामिल थे. और एक निर्दलीय सहित 165 विधायकों के समर्थन का दावा किया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बार-बार पक्ष बदलने के लिए सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है. उन्होंने पहले 2013 में भाजपा से नाता तोड़ लिया था.

लेकिन 2017 में फिर से इसके साथ गठबंधन कर लिया था. उन्होंने दावा किया कि संबंध तोड़ने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था. जद (यू) के सदस्यों ने दावा किया कि आरसीपी सिंह के पार्टी से बाहर होने सहित कई उदाहरणों के कारण भाजपा के साथ संबंध खराब हुए.

तेजस्वी ने भाजपा की आलोचना की

जानकारी के लिए बता दें की, संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में तेजस्वी ने भाजपा की आलोचना की और उस पर उन दलों को नष्ट करने का आरोप लगाया. जिनके साथ उसने गठबंधन किया था.

उन्होंने कहा की, हिंदी क्षेत्र में बीजेपी का कोई गठबंधन सहयोगी नहीं है. इतिहास गवाह है कि भाजपा उन पार्टियों को बर्बाद कर देती है जिनके साथ वह गठबंधन करती है. हमने पंजाब और महाराष्ट्र में ऐसा होते देखा है.

नीतीश कुमार ने पिछले 20 वर्षों में कई बार भाजपा के साथ काम किया है. और 1996 में केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री के रूप में भी काम किया था.  जद-यू पिछले तीन वर्षों में भाजपा के साथ संबंध तोड़ने वाला तीसरा प्रमुख सहयोगी रहा है.

प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पर बोले नीतीश

बता दें की, भाजपा और नीतीश कुमार के बीच काफ़ी समय से तनातनी मची हुई थी. इस बीच नीतीश कुमार ने भाजपा  को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. नीतीश कुमार का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्षी पार्टियां एकजुट होंगी. बीजेपी ने 2014 में जैसा प्रदर्शन किया था.

आगे नीतीश कुमार ने कहा की, वो 2024 में बरकरार नहीं रख पाएगी. जब नीतीश कुमार से 2024 में विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे. तो उन्होंने कहा कि यह अभी तय नहीं हुआ है और उनकी ऐसी कोई मंशा नहीं है.

हालाँकि, बिहार में सत्ता पलट चुगी है. जानकारों का मानना है की बिहार की डोर भाजपा के हाँथ से छूटना उसके लिए आगे मुसीबत पैदा कर सकता है. बिहार एक बड़ा राज्य है , और इसका असर 2024 के चुनाव में देखने को मिल सकता है.

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