PFI भारत में इस्लामिक शासन लाने के लिए युवाओं को आतंकवाद के लिए कर रहा है प्रेरित NIA का खुलासा

NIA: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ अपने पहले मेगा ऑपरेशन में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की रिमांड की मांग करते हुए दावा किया कि ये लोग युवाओं को गलत रास्ता दिखा रहें हैं.

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की मंशा भारत को एक इस्लामिक स्टेट बनाना है. इसलिए वो युवाओं की भर्ती लश्कर-ए-तैयबा, ISIS, अल-कायदा जैसे आतंकी संगठनों में कर रहें हैं.

PFI अब भारत को बनना चाहता है इस्लामिक स्टेट

ANI से मिली अधिकारिक जानकारी के अनुसार, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनान चाहता है. ताकि भारत को वो एक इस्लामिक स्टेट बना सके.

PFI पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के नेतृत्व में बहु-एजेंसी टीमों (multi-agency teams) ने देश में आतंकवादी गतिविधियों को मद्देनज़र रखते हुए 15 राज्यों में लगभग एक साथ छापेमारी की है.

छापेमारी में एनआईए ने लगभग 106 पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है. मिली जानकारी के अनुसार, एनआईए (NIA) ने केरल की कोच्चि में विशेष अदालत में छापेमारी के बाद और गिरफ्तारी के कारण क्या हैं, इस पर अपनी रिपोर्ट साझा की.

रिपोर्ट में यह दावा किया कि आरोपियों ने धार्मिक दुश्मनी पैदा करने के लिए एक गैरकानूनी साजिश रची है. एजेंसी ने कहा कि संगठन कथित तौर पर भारत के खिलाफ असंतोष पैदा कर रहा है और युवाओं के मन में देश के खिलाफ ज़हर भर रहा है.

PFI के कार्यालयों से जब्त हुई आपत्तिजनक चीज़े

NIA के अनुसार, संगठन कमजोर युवाओं को लश्कर-ए-तैयबा, आईएसआईएस और अल-कायदा सहित आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पीएफआई ने हिंसक जिहाद को बढ़ावा देकर भारत में इस्लामी शासन स्थापित करने की साजिश रची है.

एनआईए ने खुलासा किया कि गुरुवार को छापेमारी के दौरान, पीएफआई के कार्यालयों से कई आपत्तिजनक चीज़े जब्त की गई हैं. NIA ने कहा की जब्त हुई सामान कई ऐसी चीज़े मिली हैं जिससे ये पता चलता है की पीएफआई के इरादे नहीं सही हैं. पीएफआई कुछ बड़ा करने का प्लान बना रहा है.

एनआईए ने आगे कहा की, इस पहलू में और अधिक जांच की आवश्यकता है ताकि न केवल अधिक साक्ष्य प्राप्त हो सके बल्कि समाज में शांति बरक़रार रहे. बता दें की, एनआईए की चार्जशीट में 14 आरोपियों के नाम हैं. जिनमें पीएफआई के मुख्य आरोपी शामिल है. एनआईए ने आरोप लगाया कि पीएफआई के राज्य महासचिव अब्दुल सथर और राज्य सचिव सीए रौफ की गिरफ्तारी से बचने के लिए केरल में शुक्रवार को हड़ताल (strike) की घोषणा की गई थी.

500 लोगों की हुई गिरफ्तारियां

पीएफआई द्वारा संगठन राज्य महासचिव अब्दुल सथर और राज्य सचिव सीए रौफ की गिरफ्तारी के विरोध में केरल में उग्र प्रदर्शन की मंशा रखने वाले 500 लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों में कन्नूर (Kannur) के मत्तनूर (Mattannur) में एक आरएसएस (RSS) कार्यालय पर पथराव हुआ.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) विजय सखारे ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में अब तक 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एडीजीपी ने एक अन्य घटना का भी ब्योरा दिया और बताया की विस्फोटक उपकरण ले जाने के आरोप में पहले और गिरफ्तारियां की जा चुगी हैं.

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