Nepal: नेपाली अधिकारियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन रही चीनी नागरिकों की अवैध गतिविधियां

Nepal: नेपाल (Nepal) में चीनी (China) नागरिक अक्सर वित्तीय धोखाधड़ी करते पाए जाते हैं. जैसे कि पोंजी योजनाओं को ऑनलाइन चलाना और आसान ऋण के लालच में विदेशी नागरिकों को धोखा देना और इसके बीच, जांच विभाग में विशेषज्ञता की कमी लगती है. जिसके कारण जांच शायद ही कभी संतोषजनक ढंग से समाप्त होती है.

नेपाली अधिकारीयों के लिए क्या है चिंता का विषय

ANI की रिपोर्ट्स की माने तो, अवैध गतिविधियों में चीनी नागरिकों की बढ़ती संलिप्तता नेपाल में अधिकारियों के लिए चिंता का एक गंभीर कारण बन गई है. 22 अप्रैल की ताजा घटना में, 22 चीनी (China) नागरिकों को काठमांडू (Kathmandu) के महाराजगंज में एक घर पर छापेमारी में आव्रजन विभाग और नेपाल (Nepal) पुलिस की एक संयुक्त टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया था.

बता दें की, शुरुआत में  यह खबर सुर्खियां बटोरने में विफल रही और नेपाल के स्थानीय मीडिया आउटलेट्स ने इसे काफी हद तक नजरअंदाज कर दिया. चीनी नागरिकों द्वारा ठगी का विवरण भी अस्पष्ट बना हुआ है. लेकिन संसाधनों की कमी जांच में रोड़ा बन गई है. पुलिस विदेशी की संदिग्ध अवैध गतिविधियों की जांच करने में असमर्थ हैं.

चीनी दूतावास ने भी की नेपाल की मदद

नेपाल के स्थानीय मीडिया आउटलेट अन्नपूर्णा एक्सप्रेस को पता चला कि अधिकारियों को घर में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दी गई थी. बाद में, संदिग्धों को 35 लैपटॉप, 675 मोबाइल फोन और नेपाल (Nepal) टेलीकॉम और एनसेल द्वारा जारी किए गए 760 सिम कार्ड के साथ पकड़ा गया था. मिली जानकारी के मुताबिक, आव्रजन विभाग ने धोखाधड़ी करने वालों को देश छोड़ने से रोकने के लिए उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए हैं.

इसी तरह के एक मामले में अधिकारियों ने दिसंबर 2019 में आपराधिक गतिविधियों में कथित संलिप्तता के लिए 122 चीनी नागरिकों को भी इसी तरह के उपकरणों के साथ गिरफ्तार किया था. ये गिरफ्तारियां काठमांडू (Kathmandu) में चीनी दूतावास की मदद से की गईं थीं.  जिससे इस बात की चिंता थी कि संदिग्ध चीन (China) की छवि खराब कर रहे हैं.

One thought on “Nepal: नेपाली अधिकारियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन रही चीनी नागरिकों की अवैध गतिविधियां”

Leave a Reply