पाकिस्तान की कोकिला कही जाने वाली गायिका Nayyara Noor का हुआ निधन

Nayyara Noor: पाकिस्तान के महान गायकों में से एक नय्यारा नूर (Nayyara Noor) का कराची में एक संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन हो गया है. वह 71 वर्ष की थीं. प्रसिद्ध गायिका के परिवार ने रविवार तड़के उनके निधन की पुष्टि की है.

पाकिस्तान की कोकिला थीं नूर

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो, नय्यारा नूर को पाकिस्तान की महान गायिका कहा जाता था. लेकिन अब इन महान गायिका का निधन हो गया है. बता दें की, अक्सर बुलबुल-ए-पाकिस्तान (पाकिस्तान की कोकिला) के रूप में जाना जाता है. नय्यारा नूर का जन्म नवंबर 1950 में भारत में गुवाहाटी, असम में हुआ था. जहाँ उन्होंने अपना प्रारंभिक बचपन अपने परिवार को कराची में स्थानांतरित करने से पहले बिताया था. जो नव निर्मित पाकिस्तान की राजधानी थी.

वह लाहौर के प्रतिष्ठित नेशनल कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स में गई, जहाँ पहली बार उनकी गायन प्रतिभा का पता चला, और 60 के दशक के अंत तक उन्होंने राज्य टेलीविजन पर अपनी शुरुआत की थी. प्रतिष्ठित गीतों से भरे एक बहुमुखी करियर में, उन्हें पाकिस्तान के प्रसिद्ध क्रांतिकारी कवि फैज़ अहमद फ़ैज़ द्वारा उनके काम के लिए हमेशा याद किया जाएगा.

नयरा (Nayyara Noor) ने सोहनी धरती सहित पाकिस्तान के कुछ सबसे यादगार देशभक्ति गीत भी गाए, साथ ही पाकिस्तानी फिल्मों के लिए अनगिनत गाने भी गाए. बता दें की, चार दशकों के करियर में, नूर ने बहुत सारी प्रशंसाएँ जीतीं. जिसमें 1973 में फिल्म घराना के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक के लिए निगार पुरस्कार भी शामिल था.

प्राइड ऑफ परफॉर्मेंस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुगा है

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, कला में उनके योगदान के लिए उन्हें 2006 में सरकार द्वारा प्राइड ऑफ परफॉर्मेंस पुरस्कार भी दिया गया था. नूर, जो एक प्रशिक्षित गायिका नहीं थीं, ने एक साक्षात्कार में कहा कि यह उनकी पेशेवर रूप से गायिका बनने की योजना नहीं थी.

और यह केवल भाग्य का एक झटका था कि उन्होंने अपने कॉलेज में प्रदर्शन किया, जहाँ एक प्रोफेसर ने उन्हें करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने आखिर में 2012 में गायन से संन्यास ले लिया और अपना शेष जीवन एक गृहिणी के रूप में बिताया. उनका विवाह अभिनेता शहरयार जैदी से हुआ था और वह नाद-ए-अली जैदी और जाफर जैदी की मां थीं. जो अपने आप में प्रतिभाशाली संगीतकार और गायक थे.

उनकी मृत्यु की घोषणा से उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई. जिन्होंने अपनी यादें और उनके प्रतिष्ठित गीतों की क्लिप साझा की. एक बयान में, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दुख व्यक्त किया और कहा कि नूर की मौत से संगीत जगत को अपूरणीय क्षति होगी.

प्रधानमंत्री शरीफ ने किया ट्वीट

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्वीट करके कहा है की, “ग़ज़ल हो या गीत, नय्यरा नूर ने जो भी गाया, उसे पूर्णता के साथ गाया. नैयरा नूर के निधन से जो शून्य पैदा हुआ है, वह कभी नहीं भरा जाएगा.”

नय्यरा नूर पाकिस्तान की मशहूर सिंगर थीं. देश विदेश उनके गानों की खूब चर्चा होती थी. उनकी ग़ज़ल लोगों के दिलों में छा जाती थी. उनकी आवाज़ को लोग भगवान की देन मानते थे. लेकिन 71 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया.

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