Russia के कब्ज़े के बाद एक्शन में आया यूक्रेन, NATO में आधिकारिक तौर पर सदस्यता के लिए किया अप्लाई

NATO: रूस ने यूक्रेन के चार शहरों पर अधिकारिक रूप से कब्ज़ा कर लिया है. जिसके बाद से अब यूक्रेन भी एक्शन में आ गया है. यूक्रेन ने कहा है की अब वो NATO की सदस्यता के लिए अधिकारिक तौर पर अप्लाई कर रहा है. उधर रूस के यूक्रेन के चार शहरों पर कब्ज़ा करने को लेकर अमेरिका ने भी नाराज़गी जताई है.

यूक्रेन लेगा NATO की सदस्यता

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, रूस और यूक्रेन के युद्ध (War) को लगभग 7 महीने से जायदा का वक़्त होने जा रहा है. इस बीच यूक्रेन ने बहुत कुछ खोया है. लेकिन अब रूस ने अधिकारिक तौर पर यूक्रेन के चार मुख्य शहरों पर कब्ज़ा कर लिया है. उधर यूक्रेन (Ukraine) के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) ने कहा है कि उनका देश नाटो की सदस्या (NATO Membership) के लिए आवेदन करेगा.

लेकिन बता दें की, नाटो (NATO) में शामिल होने के लिए इसके सभी सदस्य देशों के सर्वसम्मत समर्थन की आवश्यकता होती है. यूक्रेन (Ukraine) के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है की,

“असल में हम पहले ही नाटो (NATO) गठबंधन के मानकों को पूरा कर रहे हैं और खुद की संगतता साबित कर चुके हैं. वे यूक्रेन के लिए जरूरी हैं. हम एक दूसरे पर भरोसा करते हैं. हम एक दूसरे की मदद करते हैं. और हम एक दूसरे की रक्षा करते हैं. यही गठबंधन कहलाता है.”

रूस के लिए है खतरे की घंटी

जानकारों का मानना है की यूक्रेन की नाटो सदस्यता हमेशा रूस के लिए एक खतरे की घंटी है. रूस ने यूक्रेन का 15 प्रतिशत हिस्सा अपने कब्ज़े में ले लिया है. यूक्रेन (Ukraine) के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) कीव नाटो (NATO) की फास्ट ट्रैक मेंबरशिप के लिए आग्रह कर रहा है.

बता दें की, राष्ट्रपति पुतिन का दावा है कि यूक्रेन का समर्थन करने के लिए पश्चिम ने अपनी वित्तीय और तकनीकी ताकत का उपयोग करके पूरी दुनिया को लूट लिया है. पुतिन ने शांति वार्ता में शामिल होने के लिए यूक्रेन को आमंत्रित किया है लेकिन अवैध रूप से अधिग्रहित क्षेत्रों को वापस सौंपने से इनकार किया है. ज़ेलेंस्की ने रूस के साथ शांति वार्ता का पूरी तरह से विरोध किया है.

रूस ने किया मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन

अमेरिका का कहना है की, रूस द्वारा लगातार कब्जा करने से मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन और अत्याचार हुआ है. बीते दिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने विश्व नेताओं को संबोधित किया था और कहा था कि रूस-यूक्रेन युद्ध के लगभग सात महीनों बीत चुगे हैं.

युद्ध ने हजारों लोगों को नष्ट कर दिया है. ज़ेलेंस्की रूस के साथ शांति वार्ता कर सकते हैं लेकिन उसके लिए हमारी कुछ शर्ते हैं. इसके अलावा बता दें की, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा था कि युद्ध उनके जीवन का अब एक हिस्सा बन गया है.

और उन्हें अपनी रक्षा के लिए दुनिया से पश्चिमी निर्मित हथियारों, वायु रक्षा और वित्तीय सहायता की आवश्यकता है. ज़ेलेंस्की के भाषण के बाद, यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख ने कहा कि रूस पर अतिरिक्त प्रतिबंध लागू किए जाएंगे. और हम यूक्रेन की रक्षा करने की पूरी कोशिश करेंगे.

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