Myanmar: म्यांमार ने लिया बड़ा फैसला, चार तख्तापलट विरोधी कार्यकर्ताओं को दी फांसी

Myanmar: म्यांमार (Myanmar) की सैन्य सरकार ने चार तख्तापलट विरोधी कार्यकर्ताओं को मार डाला है. जिसमें नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आंग सान सू की की एक करीबी सहयोगी भी शामिल है. जिसकी व्यापक निंदा हो रही है. म्यांमार के सरकारी अखबार ग्लोबल न्यू लाइट ने सोमवार को बताया कि चार लोगों को क्रूर और अमानवीय आतंकी कृत्यों के आयोजन में शामिल होने के कारण मौत की सजा दी गई थी.

चार लोगों को उतारा मौत के घाट

Aljazeera से मिली जानकारी के मुताबिक, म्यांमार (Myanmar) की सैन्य सरकार ने चार तख्तापलट विरोधी कार्यकर्ताओं मौत के घाट उतार दिया है. जिसकी वजह से अब लोगों में भयंकर आक्रोश और विरोध देखा जा रहा है. बता दें की, सेना से लड़ने के लिए मिलिशिया की मदद करने का आरोप लगाने के बाद जनवरी में बंद दरवाजे के मुकदमे में पुरुषों को मौत की सजा सुनाई गई थी. जिसने फरवरी 2021 में वरिष्ठ जनरल मिन आंग हलिंग के नेतृत्व में तख्तापलट में सत्ता पर कब्जा कर लिया था.

बता दें की, सू की (Suu Kyi) की नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) पार्टी के पूर्व विधायक फ्यो ज़ेया थाव (Phyo Zeya Thaw) और प्रमुख लोकतंत्र कार्यकर्ता क्याव मिन यू को आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत अपराधों का दोषी पाया गया है. थाव (Phyo Zeya Thaw)  एक हिप-हॉप कलाकार थे. जिसे पहले उसके गीतों के कारण हिरासत में लिया गया था. लेकिन फिर अगस्त में यांगून में एक कम्यूटर ट्रेन पर शूटिंग सहित सुरक्षा बलों पर प्रमुख हमलों का आरोप लगाया गया था. जिसमें पांच पुलिसकर्मी मारे गए थे.

जानकारी के मुताबिक, यांगून में सैन्य सरकार के लिए एक मुखबिर होने का आरोप लगाने वाली एक महिला की कथित तौर पर हत्या करने के लिए दो अन्य पुरुषों को मौत की सज़ा सुने गयी थी. जिनके नाम थे हला मायो आंग और आंग थुरा ज़ॉव. फांसी की सजा दशकों में दक्षिण पूर्व एशियाई देश में सुनाई गई है. एक कार्यकर्ता समूह, असिस्टेंस एसोसिएशन ऑफ पॉलिटिकल प्रिजनर्स (AAPP) के अनुसार, अंतिम न्यायिक प्रयोग 1980 के दशक के अंत में हुआ था.

फांसी मानवता के खिलाफ अपराध है-यादनार मौंग

जस्टिस फॉर म्यांमार के प्रवक्ता यादनार मौंग ने कहा कि फांसी मानवता के खिलाफ अपराध है और सत्तारूढ़ राज्य प्रशासन परिषद के खिलाफ और प्रतिबंधों की मांग की है. मोंग ने अल जज़ीरा को बताया की, “मिन आंग हलिंग के सभी अपराधियों को क्रूरता के इस क्रूर कृत्य के लिए जरुर जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.” इसके अलावा मोंग ने बताया की,

“अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब आतंकवादी जुंटा की पूरी दण्ड से मुक्ति के लिए कार्रवाई करनी चाहिए. इन निष्पादनों और जुंटा के अन्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया में जुंटा और उसके व्यावसायिक हितों के खिलाफ समन्वित लक्षित प्रतिबंध, जेट ईंधन पर प्रतिबंध और एक वैश्विक हथियार प्रतिबंध शामिल होना चाहिए. म्यांमार ऑयल एंड गैस एंटरप्राइज पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए. ताकि तेल और गैस फंडों को जुंटा के अत्याचारों को नियंत्रित करने से रोका जा सके.”

अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, म्यांमार में मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत थॉमस एंड्रयूज ने कहा कि वह फांसी पर नाराज और बेहद दुखी थे. विशेष दूत थॉमस एंड्रयूज ने कहा कि, “मेरा दिल उनके परिवारों, दोस्तों और प्रियजनों और वास्तव में म्यांमार में उन सभी लोगों के लिए है जो जनता के बढ़ते अत्याचारों के शिकार हैं. ये भ्रष्ट कृत्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ होना चाहिए.”

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