September 26, 2022
Myanmar: अमेरिका ने लोकतंत्र समर्थक नेताओं को फांसी देने के लिए म्यांमार की सैन्य जुंटा की योजनाओं को कर दिया ख़ारिज

Myanmar: अमेरिका ने लोकतंत्र समर्थक नेताओं को फांसी देने के लिए म्यांमार की सैन्य जुंटा की योजनाओं को कर दिया ख़ारिज

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म्यांमार(Myanmar) के सैन्य शासन के हालिया फैसले की कड़ी निंदा की संयुक्त राज्य अमेरिका(America) ने , जिसमें उसने लोकतंत्र(Democracy) समर्थक नेताओं को फांसी देने का आदेश दिया था. अमेरिकी(America) विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस(Ned Price) ने ट्विटर(Twitter) का सहारा लिया और कहा कि सैन्य जुंटा की हालिया घोषणा मानवाधिकारों के प्रति उनके अनादर का प्रतिनिधित्व करती है.

सैन्य शासन से रिहा करने की अपील

इसके अलावा, उन्होंने सैन्य शासन से उन सभी को रिहा करने की अपील की जो अभी भी अवैध हिरासत का सामना कर रहे हैं. वॉयस ऑफ म्यांमार(Voice of Myanmar) और एनपी न्यूज(NP News) के अनुसार, दोषी ठहराए गए नेताओं में पूर्व सांसद फ्यो जेया थाव(Phyo Zeya Thaw) और कार्यकर्ता क्याव मिन यू शामिल हैं. इन दोनों के अलावा एक महिला की हत्या के दोषी दो अन्य लोगों को भी फांसी दी जाएगी. जुंटा(Junta) ने दावा किया कि दोनों लोग म्यांमार(Myanmar) की सैन्य सरकार के खिलाफ महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने में शामिल थे.

सरकार के प्रवक्ता मेजर जनरल ज़ॉ मिन टुन(Major General Zaw Min Tun) का हवाला देते हुए, रिपोर्ट में कहा गया है कि चारों की कानूनी अपीलों को खारिज कर दिए जाने के बाद मौत की सजा देने के निर्णय की पुष्टि की गई थी. नेड प्राइस(Ned Price) के अनुसार, आदेश जेल प्रक्रियाओं के अनुसार पारित किया गया था. यहां यह उल्लेख करना उचित है कि म्यांमार(Myanmar) जेल कानून के अनुसार, मृत्युदंड को सरकार के प्रमुख द्वारा अनुमोदित किया जाना चाहिए. हालांकि, प्रवक्ता ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की कि फांसी कब दी जाएगी.

Myanmar में सैन्य तख्तापलट

देश में सैन्य अधिग्रहण को बड़े पैमाने पर सार्वजनिक विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप सुरक्षा बलों द्वारा घातक कार्रवाई की गई, जो नियमित रूप से भीड़ में गोला-बारूद दागते हैं. राजनीतिक कैदियों के लिए स्वतंत्र सहायता संघ द्वारा रखे गए एक आंकड़े के अनुसार, विरोध में कम से कम 1,887 लोग मारे गए हैं. सेना और पुलिस के बीच हताहतों की संख्या भी बढ़ रही है क्योंकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सशस्त्र प्रतिरोध बढ़ रहा है.

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