Myanmar: चीन बनना चाहता है म्यांमार में कंट्रोलर, अस्थिरता फैला रहा है ड्रैगन

Myanmar: वरिष्ठ पत्रकार और क्षेत्रीय विशेषज्ञ बर्टिल लिंटनर (Bertil Lintner) ने सोमवार को कहा कि चीन (China) म्यांमार (Myanmar) में अस्थिरता चाहता है और दक्षिण पूर्व एशियाई देश की राजनीति में एक प्रमुख नियंत्रक खिलाड़ी बने रहने की पूरी तैयारी कर रहा है चीन.

क्या चाहता है ड्रैगन

चीनी विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) एक क्षेत्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए शनिवार को म्यांमार (Myanmar) पहुंचे थे. जिसे विपक्ष शांति प्रयासों के उल्लंघन के रूप में देखता है. सेना द्वारा सत्ता पर कब्जा करने के बाद से अपनी पहली यात्रा के लिए वांग यी (Wang Yi) बीजिंग (Beijing) के हितों को सुरक्षित करने के प्रयास में लगें हैं. अधिकार समूहों का कहना है कि म्यांमार की सेना द्वारा 1 फरवरी, 2021 को तख्तापलट करने के बाद म्यांमार में समग्र मानवाधिकार की स्थिति बिगड़ गई है.

म्यांमार (Myanmar) में तख्तापलट के बाद दक्षिण-पूर्वी विश्लेषकों का कहना है की, चीन अपनी खासी दिलचस्पी दिखा रहा है अब म्यांमार में. चीन (China) का बढ़ता दवाब भारत के लिए भी एक खतरे का संकेत बन रहा है. बता दें की, भारत म्यांमार (Myanmar) के साथ 1700 किलोमीटर की सीमा साझा करता है. चीन अब अपना कब्ज़ा म्यांमार पर धीरे धीरे बढ़ा रहा है.

बर्टिल लिंटनर ने कहीं बड़ी बातें

देश में जारी अशांति के बीच चीन (China) क्या भूमिका निभाना चाहेगा. इस सवाल का जवाब देते हुए लिंटनर ने एएनआई (ANI) को बताया कि चीन निश्चित रूप से म्यांमार में अपनी भूमिका निभा रहा है. लेकिन वह इसे रचनात्मक नहीं कहेंगे. उनका तर्क है कि चीनी सेना के सत्ता में होने से सहज महसूस करते हैं.

बर्टिल लिंटनर (Bertil Lintner) ने कहा की,  चीनी सेना के सत्ता में होने के साथ सहज महसूस करते हैं.  लेकिन वे विभिन्न स्तरों पर खेल भी खेल रहे हैं, उदाहरण के लिए यूनाइटेड वा स्टेट आर्मी का समर्थन करके जो कि बदले में, कोकांग, शान और पलौंग विद्रोही सेनाओं को चीनी निर्मित हथियार भेज देतें हैं.

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