Mulayam Singh Yadav का हुआ निधन, सुबह 8.15 पर ली अंतिम साँस

Mulayam Singh Yadav: समाजवादी पार्टी सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) का 82 वर्ष की आयु में निधन हो गया. वे पिछले कुछ दिनों से हरियाणा के गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे. पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने सुबह 8.15 पर अंतिम साँस ली है.

82 वर्ष की उम्र में हुआ Mulayam Singh Yadav का निधन

PTI से मिली अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का निधन हो गया है. काफी समय से उनका इलाज चल रहा था. और उनकी हालत बेहद ही नाज़ुक थी.  मुलायम सिंह को सांस लेने में ज्यादा दिक्कत होने पर मेदांता अस्पताल (Medanta Hospital) के आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया गया था. अस्पताल में मुलायम सिंह की निगरानी खुद मेदांता समूह के निदेशक डॉ. नरेश त्रेहन कर रहे थे.

बता दें की, कुछ वक़्त पहले उनकी पत्नी साधना गुप्ता (Sadhana Gupta) का भी निधन हो गया था. पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव 3 बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में रक्षामंत्री रहे हैं. मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) जन्म 22 नवंबर, 1939 को हुआ था. वो एक वरिष्ठ भारतीय राजनीतिज्ञ और समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो थे. नेता जी लोकसभा के सदस्य थे और  उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे.

Mulayam Singh Yadav का हुआ निधन, सुबह 8.15 पर ली अंतिम साँस
Mulayam Singh Yadav का हुआ निधन, सुबह 8.15 पर ली अंतिम साँस

समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक और तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं. मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) 1970 के दशक के बाद उत्तर प्रदेश में मचे राजनीतिक उथल पुथल के बाद उनकी एंट्री हुई. और मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) एक बड़ा नाम बनकर उभरे. उनकी पहुँच लगभग प्रदेश के हर जिले में थी.

नेता जी का शानदार रहा है राजनीतिक सफ़र

उत्तर प्रदेश के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का करियर बड़ा ही दिलचस्प और शानदार रहा है. उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के वो तीन मुख्यमंत्री बने. ‘नेता जी’ नाम भी उनको जनता ने ही दिया था. मुलायम सिंह यादव पहली बार साल 1977 में यूपी में जनता पार्टी की सरकार में मंत्री बने थे. इसके बाद साल 1982 में मुलायम सिंह यादव विधान परिषद के सदस्य बने.

नेता जी साल 1987 तक वह विधान परिषद ने नेता विपक्ष बने थे. साल 1989 में वह पहली बार उत्तर जैसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री बने. 1989 के बाद से नेता जी ने उत्तर प्रदेश की राजनीती में अपने पैर मजबूत कर लिए. बताया जाता है की, ना सिर्फ सत्ता पक्ष बल्कि विपक्ष से भी उनके अच्छे संबंध थे. देश के लगभग सभी बड़े और दिग्गज नेताओं के साथ उनका ना तो कोई मदभेद था और ना ही कोई मनभेद.

प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्त किया शोक

देश के प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर के दुःख व्यक्त किया है. उन्होंने ट्वीट कर के कहा की, “श्री मुलायम सिंह यादव जी एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व वाले थे. उन्हें एक विनम्र और जमीन से जुड़े नेता के रूप में व्यापक रूप से सराहा गया है. जो लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील थे. उन्होंने लगन से लोगों की सेवा की और लोकनायक जेपी और डॉ. लोहिया के आदर्शों को लोकप्रिय बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया.”

प्रधानमंत्री मोदी का अधिकारिक ट्वीट…

नेता जी के निधन की खबर समाजवादी पार्टी ने अपने अधिकारिक हैंडल पर ट्वीट कर के दी थी. पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का निधन पूरे प्रदेश और देश की राजनीती में बड़ी क्षति है. बताया जा रहा है की उनका अंतिम संस्कार सैफई में ही होगा. अगले कुछ घंटों बाद उनका शव सैफई ले जाया जाएगा.

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