Monkeypox: इंग्लैंड में तेजी से फैल रहा है ये वायरस, जाने कैसे रहना है सतर्क

कोरोना वायरस(Covid-19) के बाद अब मंकी पॉक्स(Monkeypox) की दहशत धीरे-धीरे लोगों में बढ़ती जा रही है. लेकिन अब ब्रिटेन में मंकी पॉक्स नाम की बीमारी पैर पसारने लगी है. UK हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) का कहना है कि अब तक सात लोगों में इसका संक्रमण पाया गया है. हालांकि, अभी अधिकतर लोग इस बीमारी से वाकिफ नहीं हैं. समझिए चार स्टेजों में किस तरह इंसान का शिकार करता है ये वायरस.

इंग्लैंड में भी हुई मंकी पॉक्स की पुष्टि

दुनिया के कई देशों में मंकीपॉक्स का खतरा बढ़ता जा रहा है. इस बीच ब्रिटेन में मंकीपॉक्स के मामलों में तेजी आई है. यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (UK Health Security Agency) ने बुधवार को कहा कि इंग्लैंड (England) में मंकीपॉक्स (Monkeypox) एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल रहा है. स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा मंकीपॉक्स (Monkeypox) का प्रकोप ज्यादातर लंदन (London) में युवाओं को प्रभावित कर रहा है. यह बीमारी मंकी पॉक्स वायरस के कारण होती है. यह वायरस स्मॉल पॉक्स यानी चेचक के वायरस के परिवार का ही सदस्य है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह इन्फेक्शन ज्यादा गंभीर नहीं है और इसके फैलने की दर भी काफी कम है.

यह बीमारी 1970 में पहली बार एक कैद किए गए बंदर में पाई गई थी, जिसके बाद यह 10 अफ्रीकी देशों में फैल गई थी. 2003 में पहली बार अमेरिका(America) में इसके मामले सामने आए थे. 2017 में नाइजीरिया में मंकी पॉक्स का सबसे बड़ा आउटब्रेक हुआ था, जिसके 75% मरीज पुरुष थे. ब्रिटेन में इसके मामले पहली बार 2018 में सामने आए थे. UKHSA ने सोमवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि मरीजों में मंकी पॉक्स कैसे फैला, इसकी जांच की जा रही है. इस हफ्ते मिले चारों मरीज पुरुष हैं और इनमें से तीन लंदन और एक उत्तर पूर्वी इंग्लैंड का है.

आप कैसे जान सकते हैं लक्षण

मंकी पॉक्स(Monkeypox) एक ऐसा वायरस है जो ह्यूमन तो ह्यूमन फैलता है. यानी अगर कोई किसी संक्रमित के संपर्क में आता है तो उसे भी तुरंत पकड़ लेता है. मंकी पॉक्स ने केंद्र और राज्यों की सरकारों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं. कई राज्यों में तो सरकारों ने खास गाइडलाइंस भी जारी कर दी हैं. यूरोप और अफ्रीकी देशों से इसके काफी मामले सामने आए हैं. यह वायरस काफी खतरनाक बताया जा रहा है जो फैल जाए तो कोरोना जैसी महामारी लोगों को देखने को मिल सकती है. यह वायरस चार स्टेजों में फैलता है जिसमें हर स्टेज पर अलग-अलग लक्षण देखने को मिलते हैं.

हली स्टेज पर कोई व्यक्ति अगर संक्रमित होता है तो वह लक्षण महसूस करना शुरू कर देता है. की पॉक्स की दूसरी स्टेज में बुखार जैसे लक्षण तो रहते ही हैं, साथ ही स्किन पर थोड़ी संख्या में कुछ गांठ दिखनी शुरू हो जाती हैं. मंकी पॉक्स की तीसरी स्टेज पर लिम्फैडेनोपैथी हाथों, पैरों, चेहरे, मुंह या प्राइवेट पार्ट्स पर होने वाले दानों या चकत्ते में बदल सकती है. मंकी पॉक्स की चौथी यानी आखिरी स्टेज पर ये दाने या चकत्ते उभर कर बडे़ दाने हो जाते हैं या कुछ ऐसे पस्ट्यूल में बदल जाते हैं जिनमें मवाद भरी होती है.

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