UP में अब हिंदी में भी पढ़ाया जाएगा इंजीनियरिंग और मेडिकल का कोर्स

UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश (UP) जल्द ही हिंदी में भी मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम पढ़ाना शुरू करेगा. उत्तर प्रदेश (UP) के मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर कहा कि चिकित्सा और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों की पुस्तकों का हिंदी में अनुवाद किया गया है. उत्तर प्रदेश (UP) सरकार के इस कदम की देवश भर में सराहना हो रही है.

UP में अब हिंदी छात्र पढ़ सकते हैं इंजीनियरिंग और मेडिकल का कोर्स

बीबीसी से मिली जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रदेश (UP) की योगी सरकार भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने की दिशा में कई कदम उठा रही है. इसी क्रम में अब सूबे में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी भाषा में भी होगी. उत्तर प्रदेश (UP) के इस कदम की तारीफ की जा रही है. कई छात्र ऐसे हैं जो हिंदी माध्यम के हैं उनको इंग्लिश में पढ़ने में समस्या का सामना करना पड़ता है.

UP में अब हिंदी में भी पढ़ाया जाएगा इंजीनियरिंग और मेडिकल का कोर्स
UP में अब हिंदी में भी पढ़ाया जाएगा इंजीनियरिंग और मेडिकल का कोर्स

सरकार ने छात्रों की इस समस्या का भी समाधान कर दिया है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों की कुछ पुस्तकों का हिंदी में अनुवाद किया गया है. छात्र आने वाले वर्ष से उन विषयों का हिंदी में अध्ययन कर सकेंगे.”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का अधिकारिक ट्वीट..

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा रविवार (16 अक्टूबर) को भोपाल में MBBS पाठ्यक्रम का हिंदी संस्करण लॉन्च किया गया था. इसके बाद अब उत्तर प्रदेश ने भी यह कदम उठाया है. मध्य प्रदेश हिंदी भाषा में एमबीबीएस (MBBS) पाठ्यक्रम शुरू करने वाला देश का पहला राज्य है.

इतिहास के सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा यह दिन

रविवार को भोपाल में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा की, “भारत के शिक्षा क्षेत्र के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है. आने वाले दिनों में जब भी इतिहास लिखा जाएगा, यह दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा.”

गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा की, “नई शिक्षा नीति के माध्यम से पीएम मोदी ने छात्रों की मातृभाषा पर अधिक जोर दिया है. यह एक ऐतिहासिक निर्णय है. अब मोदी जी के तहत आप अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी भाषा में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं.”

शुरुवात में बता दें की, हिंदी में अध्ययन के लिए तीन विषयों का चयन किया गया है. जिनमें एनाटॉमी (Anatomy), फिजियोलॉजी (Physiology) और बायोकैमिस्ट्री (Biochemistry) शामिल हैं.

97 विशेषज्ञों की टीम कर रही किताबें तैयार

गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में पिछले 232 दिनों से 97 विशेषज्ञों की टीम किताबें तैयार करने में जुटी है. वे अंग्रेजी से हिंदी में पुस्तकों का अनुवाद कर रहे हैं. इसके अलावा जानकारी को और अधिक यादगार बनाने के लिए कई नए लाइन डायग्राम, टेबल और टेक्स्ट बॉक्स भी जोड़े गए हैं. विशेषज्ञों ने बताया है की मेडिकल बायोकैमिस्ट्री के नए संस्करण में कुछ नए अध्याय भी शामिल किए गए हैं.

जिनमें सोडियम, पोटेशियम, वाटर होमियोस्टेसिस, बायोकेमिस्ट्री तकनीक, विकिरण, रेडियोआइसोटोप और पर्यावरण प्रदूषक और विषाक्त पदार्थ (Sodium, Potassium, Water Homeostasis, Biochemistry Techniques, Radiation, Radioisotopes and Environmental Pollutants and Toxins) शामिल हैं.

मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने रविवार को कहा कि इस कदम से हिंदी माध्यम में शिक्षा की उन्नति में बड़ा बदलाव आएगा. और छात्रों को पढ़ने के लिए किसी भी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा. भाषा उनकी पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगी.

 

 

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