MDMK: भारत-म्यांमार सीमा पर दो तमिल युवकों की हत्या की निंदा करते हुए वाइको ने इनकी गिरफ्तारी की मांग भी की

एमडीएमके (MDMK -Marumalarchi Dravida Munnetra Kazhagam) के प्रमुख और सांसद वाइको (Vaiko)  ने भारत-म्यांमार सीमा पर दो तमिल युवकों की हत्या की कड़ी निंदा की है. इसके साथ ही वो लगातार उन हत्यारों की गिफ्तारी की माँग कर रहें हैं. एमडीएमके (MDMK) का कहना है की पीड़ित परिवारों को एक करोड़ रूपये का मुहवज़ा देना चाहिए.

हत्या की कड़ी निंदा की एमडीएमके ने

ANI की ख़बर के मुताबिक, पूरा मामला भारत-म्यांमार सीमा का है. जहाँ दो तमिल युवक अपने दोस्तों से मिलने गए थे. वहाँ पर उनकी हत्या कर दी गई है. अब मामला तूल पकड़ रहा है. उन युवाओं के हत्यारों को गिरफ़्तार करने की माँग उठ रही है. एमडीएमके के प्रमुख और सांसद वाइको (Vaiko) इस मामले की खास निंदा कर रहे हैं. बता दें की, ये हत्या म्यांमार (Myanmar) के तमू (Tamu) कस्बे में हुईं हैं.

म्यांमार पुलिस  (Myanmar Police) ने अपनी जाँच में पाया है की, ये दो युवक है जिनका नाम पी मोहन (P Mohan) है जो 28 वर्ष का है और दूसरा युवक एम प्यारर (M Pyanar) जो 32 वर्ष का है. रिपोर्ट्स की माने तो, जिस समूह ने हत्या की है उसके संबंध म्यांमार सेना से है. उसी समूह ने हत्या की है. उस समूह का नाम प्यू शॉ हेती (Pyu Shaw Htee) है. हालाँकि इस हत्या को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चाएँ अब तेज़ हो गई हैं.

म्यांमार की सेना का ये इतिहास रहा है

ऐसा माना जाता है की, म्यांमार की सेना का ऐसा इतिहास रहा है की वो भारतीय मूल के युवाओं की हत्याएँ करवाती है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्यू शॉ हेती (Pyu Saw Htee), ‘सशस्त्र नागरिकों’ का एक समूह है. ये समूह म्यांमार के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों पर हमला करता है. ये समूह ज्यादातर सागिंग, मावगे और मांडले क्षेत्रों में हमला करता है.

प्यू शॉ हेती (Pyu Saw Htee) समूह का गठन 1 फरवरी को किया गया था. तख्तापलट को मद्देनजर रखते हुए ये फ़ैसला लिया गया था. इसका उद्देश्य तानाशाही विरोधी ताकतों को धमकियों और हिंसा से कम करना है. लेकिन अभी पुलिस जाँच के बाद ही पता चलेगा की हत्या की असली वजह क्या है. ये ऐसी पहली घटना नहीं है जब सीमा पर हत्या हुई हो.

भारत-म्यांमार सीमा का समझौता

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत (India) और म्यांमार (Myanmar) के बीच ऐसा समझौता हुआ है है की, दोनों देशों के लोग सीमा में 16 किलोमीटर तक अंदर आ जा सकते हैं. ये लोग सीमा (Border) में 16 किलोमीटर तक रोज़ आ जा सकतें हैं. लेकिन बस शर्त यही है की इनको शाम 4 बजे तक वापस अपने देश आना होगा. बता दें की भारत (India) और म्यांमार (Myanmar) 1640 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है.

बता दें की, मोदी सरकार की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत दोनों देशों की सीमा को खोला गया था. इसके बाद ऐसा माना जा रहा था की, दोनों देशों के लोगों के बीच विश्वास और बढ़ेगा  वैसे तो ऐसा माना जा रहा है कि दोनों नागरिकों ने नियमों का उल्लंघन किया था. हालांकि इस बारे में अभी तक कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है की हत्या किस वजह से हुई है.

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