Pakistan की अदालत ने भ्रष्टाचार मामले में Maryam Nawaz को किया बरी

Maryam Nawaz:  इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) की बेटी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PMLN) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज (Maryam Nawaz) को बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार के एक मामले में बरी कर दिया है.

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने Maryam Nawaz के लिए सुनाया ये फैसला

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, इस्लामाबाद की एक अदालत ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज़ पार्टी की उपाध्यक्ष मरियम नवाज़ और उनके पति मुहम्मद सफ़दर के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के आरोप को ख़ारिज कर दिया है. इस्लामाबाद उच्च न्यायालय द्वारा गुरुवार को बरी किए जाने का मतलब है कि तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी नवाज अब चुनाव लड़ने के योग्य हो गई हैं.

भ्रष्टाचार-निरोधक अदालत(Anti-Corruption Court) ने 2018 में मरियम (Maryam Nawaz) को अपने पिता की संपत्तियों को छिपाने में सहायक होने का दोषी पाए जाने के बाद सात साल की सजा सुनाए जाने के साथ ही 20 लाख पाउंड का जुर्माना भी लगाया था. इसके साथ ही साथ ही मरियम के पति सफदर को एक साल की जेल की सजा भी दी गई थी.

हाई कोर्ट ने मरियम और उनके पति मुहम्मद सफदर की उस अपील को स्वीकार कर लिया. जिसमें जुलाई 2018 में एवेनफील्ड संपत्ति मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अदालत द्वारा सुनाई गई उनकी सजा को चुनौती दी गई थी.

Maryam Nawaz ने जाहिर किया अपना दुःख

नवाज़ शरीफ को खुद 10 साल जेल की सजा सुनाई गई थी. लेकिन 2019 में इलाज कराने के लिए उन्हें जमानत दे दी गई थी. जिसके लिए वे यूनाइटेड किंगडम गए और तब से वापस नहीं आए हैं. नवाज़ शरीफ जिन्हें 2019 में ही जमानत दी गई थी. उन्होंने जवाबदेही में अदालत के 2018 के फैसले के खिलाफ पिछले साल अक्टूबर में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी.

गुरुवार के फैसले के बाद मीडिया से बात करते हुए, मरियम नवाज़ ने तर्क दिया कि “देश के इतिहास में किसी अन्य नेता पिता ने इतना दुःख नहीं उठाया होगा जितना मेरे पिता को उठाना पड़ा है. झूठ की शेल्फ लाइफ होती है. यह वर्षों तक चल सकता है. लेकिन झूठ का अंत होता है.”

बता दें की, मरियम के चाचा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी एक ट्विटर पोस्ट में कहा कि “अदालत का फैसला तथाकथित जवाबदेही प्रणाली के चेहरे पर एक तमाचा था.”

प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ का अधिकारिक ट्वीट…

इस फैसले की विपक्ष ने की आलोचना

बता दें की, विपक्षी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी के नेताओं ने इस फैसले की आलोचना की है.  पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने एक ट्विटर पोस्ट में गुरुवार के फैसले को काला दिन (Dark day) करार दिया.

उन्होंने आगे अपने ट्वीट में लिखा की, “पाकिस्तानी संस्थानों ने राष्ट्र का विश्वास खो दिया है. अपराध में मरियम नवाज की भूमिका बिना किसी संदेह के स्पष्ट है.” बता दें की, इसके अलावा पाकिस्तान की बीते दिनों काफ़ी फ़जीहत हुई है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और मरियम नवाज़ का एक ऑडियो लीक हुआ है. जिसमें साफ़ सुना जा सकता है की दोनों लोग पाकिस्तान के वित्त मंत्री की आलोचना कर रहे हैं.

इन सबके चलते पाकिस्तान की विपक्षी पार्टी पीटीआई ने सरकार की आलोचना की थी और सरकार को इस बात पर घेरा था की वो जब अपने डाटा की सुरक्षा नहीं कर सकते तो नागरिकों के डाटा की सुरक्षा आखिर अब किसके हाँथ में है.

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