September 25, 2022
Manipur: थोंगम बिस्वजीत ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 34,930 करोड़ रुपये खर्च करने का रखा प्रस्ताव

Manipur: थोंगम बिस्वजीत ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 34,930 करोड़ रुपये खर्च करने का रखा प्रस्ताव

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मणिपुर (Manipur) के ऊर्जा मंत्री थोंगम बिस्वजीत (Thongam Biswajit) ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए बजट अनुमान पेश किया. उन्होंने 34,930 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा.

बता दें की, वित्त वर्ष 2021-2022 के लिए बजट अनुमान 28,824 करोड़ रुपये था. ऊर्जा मंत्री थोंगम बिस्वजीत ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की अनुपस्थिति में बजट अनुमान पेश किया, जिनके पास वित्त विभाग भी है.

दुसरे सत्र में पेश हुआ बजट

मिली जानकारी के मुताबिक, 12वीं मणिपुर (Manipur) विधानसभा के दूसरे सत्र की पहली बैठक के दौरान यह बजट अनुमान पेश किया गया है. वैसे तो, बजट के अनुसार, 2022-23 के लिए कुल राजस्व व्यय (total revenue expenditure) 17,914 करोड़ रुपये और पूंजीगत परिव्यय (capital outlay projected) 9,272 करोड़ रुपये होने का अनुमान है.

थोंगम बिस्वजीत (Thongam Biswajit) ने विधानसभा में कहा की, इस वर्ष के दौरान राजकोषीय घाटा 2,748 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. जो कि जीएसडीपी (GSDP) का 6.5 प्रतिशत है. उन्होंने आगे कहा कि 2022-23 के दौरान, जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में कुल बकाया ऋण 37.92 प्रतिशत होने का अनुमान है. बता दें की, वित्तीय वर्ष 2019-20 के अंत में शुरू हुई महामारी का राज्य पर व्यापक प्रभाव पड़ा है और इस अवधि में संसाधन प्राप्तियों में भी काफी कमी देखी गई है.

थोंगम बिस्वजीत का कहना है की कोरोना महामारी का असर वित्त वर्ष 2021-2022 पर भी पड़ा है. उन्होंने कहा कि इन वर्षों के संचयी प्रभाव ने राज्य की वित्तीय स्थिति के लिए एक गंभीर चुनौती पेश की है. इसके अलावा उन्होंने कहा की, वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी छमाही के दौरान केंद्र सरकार से संसाधन हस्तांतरण में काफी सुधार हुआ है. जो मुख्य रूप से व्यक्तिगत आयकर और कॉर्पोरेट कर के लिए अच्छा संकेत है.

भारत सरकार के परामर्श पर हो रहा काम

थोंगम बिस्वजीत (Thongam Biswajit) ने यह भरोसा दिलाया है की, मणिपुर सरकार भारत सरकार के परामर्श से सभी आवश्यक कदम उठाकर अच्छी आर्थिक वृद्धि दर्ज करने के लिए रोज़ काम कर रही है. थोंगम बिस्वजीत ने बताया की,

“पिछले कुछ वर्षों में, राज्य के अपने कर राजस्व में क्रमिक वृद्धि दर्ज की गई है. यह मुख्य रूप से राज्य जीएसटी, मोटर वाहन कर और बिक्री कर के अच्छे संग्रह से प्रेरित है. राज्य कर आधार का विस्तार करने और कर चोरी को कम करने के लिए अतिरिक्त कदम उठा रहा है. जुटाया गया कोई भी अतिरिक्त संसाधन राज्य को उसके विभिन्न दायित्वों को पूरा करने में सहायता करेगा. सरकार द्वारा संसाधन जुटाने के विभिन्न स्रोतों का पता लगाया जा रहा है.”

ANI की रिपोर्ट में ये दावा किया गया था, मणिपुर में 2019 में आर्थिक संकट जैसे हालात हो गए थे. रिजर्व बैंक ने राज्य सरकार की ओर से पैसों की निकासी पर रोक लगा दी थी. राज्य सरकार और रिजर्व बैंक के बीच आपसी सहमति से तय कई गई निकासी की सीमा पार हो चुकी थी. इसलिए रिज़र्व बैंक ने निकासी पर रोक लगाई थी. खबरों के मुताबिक, एक तिमाही में 36 दिन से ज्यादा समय तक राज्य सरकार ने अधिक निकासी की गयी थी.

जानकारी के लिए बता दें की, रिजर्व बैंक ने मणिपुर सरकार पर सख्त रुख अपनाया था. हालाँकि, अभी मणिपुर सरकार ऐसा दावा कर रही है की राज्य की अर्थव्यस्था अब धीरे धीरे पटरी पर आ रही है. जिसके लिए मणिपुर सरकार भी हर क्षेत्र में महेनत कर रही है.

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