Mali: माली सेना ने मार्च 2024 में नागरिक शासन में वापसी का किया वादा

माली(Mali) के सैन्य शासकों ने अगस्त 2020 में तख्तापलट और पहले की चुनावी समय सीमा को पूरा करने में विफलता के बाद दो साल के लिए नागरिक शासन बहाल करने का प्रस्ताव रखा है, जिसके कारण गंभीर प्रतिबंध लगे हैं. इसके साथ ही,सेना के नेता कर्नल असिमी गोइता(Assimi Goita) ने सोमवार को राज्य टेलीविजन पर प्रकाशित एक डिक्री पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि “संक्रमण की अवधि 24 महीने (26 मार्च 2022 से) तय की गई है.

कर्नल असिमी गोइता ने टेलीविज़न पर पढ़े गए एक डिक्री पर किए हस्ताक्षर

उनटा नेता कर्नल असिमी गोइता(Assimi Goita ) ने राज्य टेलीविजन पर पढ़े गए एक डिक्री पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि “संक्रमण की अवधि 24 महीने (26 मार्च, 2022 से) तय की गई है”. माली(Mali) ने अगस्त 2020 से दो सैन्य तख्तापलट किए हैं, जब सेना ने निर्वाचित राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता( Ibrahim Boubacar Keita) को बाहर कर दिया था.

माली(Mali) सैन्य शासकों ने फरवरी 2022 तक नागरिकों को सत्ता वापस करने का वादा किया था, लेकिन बाद में क्षेत्रीय प्रतिबंधों को लागू करते हुए समय सीमा को बढ़ा दिया गया था. माली(Mali) पश्चिम अफ्रीका में अन्य देशों द्वारा नागरिक शासन को बहाल करने के लिए कथित रूप से पैर खींचने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों के तहत संघर्ष कर रहा है. 

माली में संयुक्त राष्ट्र के दो शांतिरक्षकों की हुई थी मौत

माली(Mali) में संयुक्त राष्ट्र(United Nations) के शांतिरक्षकों को ले जा रहे एक वाहन  को बारूदी सुरंग की चपेट में आ जाने से उसमें सवार दो शांतिरक्षकों की मौत हो गई. माली(Mali) में संयुक्त राष्ट्र(United Nations) शांतिरक्षकों को निशाना बनाकर किया गया छठवां हमला है.संयुक्त राष्ट्र(United Nations) की प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बताया कि मोपी क्षेत्र के दोउंत्जा शहर में सड़क किनारे एक बारूदी सुरंग बिछाई गई थी और वाहन के उसकी चपेट में आ जाने से मिस्र के दो शांतिरक्षकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया.

दुजारिक ने कहा, ‘‘इस हमले का मकसद माली के लोगों के जीवन में मुश्किलें पैदा करना, परिवहन को अवरुद्ध करना और सुरक्षा में बाधा डालना है. इन सड़कों का इस्तेमाल नागरिक करते हैं और ट्रक व बस की आवाजाही भी इन्हीं रास्तों से होती है. माली(Mali) की सेना और संयुक्त राष्ट्र(United Nations) के शांतिरक्षक भी इन रास्तों का इस्तेमाल करते हैं. जो इस प्रकार के विस्फोटकों की चपेट में आ जाते रहें हैं.

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