दिवंगत गायिका Lata Mangeshkar की जयंती पर PM Modi ने अयोध्या में किया लता मंगेशकर चौक का उद्घाटन

Lata Mangeshkar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दिवंगत महान गायिका लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) को श्रद्धांजलि दी है. इस साल उनका 93वां जन्मदिन मनाया गया है. इस विशेष अवसर को चिह्नित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है. प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.

Lata Mangeshkar चौक का हुआ उद्घाटन

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी की उपस्थिति में ‘लता मंगेशकर चौराहा’ का उद्घाटन किया है. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली इस कार्यक्रम से जुड़े और नया घाट चौराहा का उद्धाटन किया है.

अधिकारियों के अनुसार, सरयू नदी के किनारे चौराहे को 7.9 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया गया है. उन्होंने बताया कि चौराहे पर 14 टन वजनी 40 फुट लंबी और 12 मीटर ऊंची वीणा लगाई गई है.

प्रतिष्ठित गायिका को श्रद्धांजलि देते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट में कहा,

“लता दीदी को उनकी जयंती पर याद कर रहा हूं. ऐसा बहुत कुछ है जो मुझे याद आता है. अनगिनत बातचीत जिसमें वह इतना स्नेह बरसाती थी. मुझे खुशी है कि आज अयोध्या में एक चौक का नाम उनके नाम पर रखा जाएगा. यह महानतम भारतीय प्रतीकों में से एक को एक उचित श्रद्धांजलि है.”

प्रधानमंत्री मोदी का अधिकारिक ट्वीट…

इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा की,

 “लता दीदी के साथ जुड़ी मेरी कितनी ही यादें हैं. कितनी ही भावुक और स्नेहिल स्मृतियां हैं. जब भी मेरी उनसे बात होती थी. उनकी वाणी की युग-परिचित मिठास हर बार मुझे मंत्र-मुग्ध कर देती थी. दीदी अक्सर मुझसे कहती थी कि मनुष्य उम्र से नहीं, कर्म से बड़ा होता है.”

पर्यटकों और संगीत प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा ये चौराहा

यह चौराहा पर्यटकों और संगीत प्रेमियों के लिए एक बड़ा आकर्षण होगा. अधिकारियों ने बताया कि यह देश का पहला स्थान है जहां इतना बड़ा वाद्य यंत्र लगाया गया है. अयोध्या विकास प्राधिकरण के सचिव सत्येंद्र सिंह, जो परियोजना का प्रबंधन कर रहे हैं. उन्होंने PTI को बताया कि चौराहे को विकसित करने पर 7.9 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. जो अयोध्या की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है.

उन्होंने कहा कि विशाल वीणा पद्म श्री से सम्मानित राम सुतार ने बनाई है. जिन्हें इसे बनाने में दो महीने लगे. उन्होंने आगे कहा की, “खूबसूरत तरीके से डिजाइन की गई वीणा पर संगीत की देवी सरस्वती का चित्र उकेरा गया है.”

ऐसे हुआ था Lata Mangeshkar का निधन

1929 में जन्मी लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का करियर आठ दशकों का रहा है. जहां उन्होंने कई भाषाओं के फिल्मी सितारों को अपनी आवाज दी है. उन्होंने अपने जीवनकाल में जितने भी पुरस्कार जीते, उनमें से उन्हें भारत रत्न से भी नवाजा गया है.

ये बात तो सभी जानते हैं की, लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने एक बढ़ कर एक गाने गाये हैं. हर उम्र के लोग उनके फैन थे. जानकारी के लिए बता दें की, लता मंगेशकर को 8 जनवरी को COVID​​​​-19 के लिए सकारात्मक परीक्षण किया था.

जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई थी और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ा था. वह मेडिकल ऑब्जर्वेशन में थी. लता मंगेशकर का निमोनिया और COVID-19 दोनों का इलाज चल रहा था. अगले कुछ हफ्तों में, लता मंगेशकर ने सुधार के संकेत दिए थे. लेकिन ज़िन्दगी को कुछ और ही मंज़ूर था. 6 फरवरी को लता मंगेशकर का निधन हो गया था.

 

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