Laddakh: चीन ने लद्दाख के पास भारत-तिब्बत सीमा पर बुनियादी ढांचे के निर्माण पर अमेरिकी पर साधा निशाना

लद्दाख (laddakh) के पास चीन के बुनियादी ढांचे के निर्माण पर अमेरिका की प्रशांतसेना के जनरल चार्ल्स ए फ्लिन(General Charles A Flynn ) ने हाल ही चिंता जताई थी. जिस पर चीन ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा की, कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने उंगलियां उठाई हैं. इसके अलावा कहा है की, सीमा मुद्दा दोनों देशों के बीच सुलझाया जाने वाला मामला है. 

दिल्ली में चीनी दूतावास ने अमेरिकी अधिकारीयों का किया विरोध

नई दिल्ली(New Delhi) में चीनी दूतावास(Embassy) ने भी इस मामले को संबोधित करते हुए कहा कि “चीन(China) के खिलाफ आरोप बिना किसी तथ्यात्मक आधार के थे” इसके साथ ही चीनी दूतावास(Embassy) ने अमेरिका(America) पर “कूटनीति के बुनियादी सिद्धांतों” के मानदंडों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. चोएकी ल्हामो(Choekyi Lhamo) ने फायुल में लिखा है कि चीन ने गुरुवार को अमेरिकी जनरल पर अपने बयानों के माध्यम से “लौटने” का प्रयास करने का आरोप भी लगाया है.

बता दें की, अमेरिका (America) प्रशांत सेना के जनरल चार्ल्स ए फ्लिन(General Charles A Flynn ) ने कहा था की, भारतीय सीमा के पास चीन द्वारा निर्मित रक्षा बुनियादी ढांचा “खतरनाक” और “आंखें खोलने वाला” है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीजिंग ने फ्लिन पर अपने बयानों के जरिए ‘फैन फ्लेम’ करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. 2020 की गर्मियों में, पैंगोंग क्षेत्र (Pangong Tso) में सेनाओं की झड़प के बाद भारत(India) और चीन(China) के बीच लद्दाख(Laddakh) सीमा गतिरोध शुरू हो गया है.

उसी साल जून(June) में गलवान घाटी(Gallowan River) में हुए संघर्ष के बाद स्थिति और बढ़ गई. क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए दोनों देशों ने अब तक 15 दौर की बातचीत की है. इस साल फरवरी में, विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने लोकसभा को सूचित किया था कि चीन द्वारा 1962 से चीन के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में पैंगोंग झील(Pangong Tso) पर एक पुल का निर्माण किया जा रहा है.

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