September 29, 2022
Kashmir में खुले नए निवेश के दरवाज़े, युवाओं की भागीदारी में हुई बढ़ोतरी

Kashmir में खुले नए निवेश के दरवाज़े, युवाओं की भागीदारी में हुई बढ़ोतरी

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Kashmir: आर्टिकल 370 हटने के बाद से कश्मीर को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने कई रस्स्ते खोले हैं. कश्मीर एक नए निवेश गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है. यह सिर्फ पारंपरिक व्यवसाय नहीं है. बल्कि स्थानीय लोग भी नए व्यापार मॉडल में प्रवेश करके पूरे देश के लिए एक बेंचमार्क स्थापित कर रहे हैं.

कश्मीर में खुल रहे निवेश के नए दरवाज़े

ANI से मिली अधिकारिक जानकारी के मुताबिक,  एक युवा कश्मीरी उद्यमी रमीज राजा ने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए गंदर बॉल क्षेत्र और कंगन क्षेत्र में सांस्कृतिक मिट्टी के घर लॉन्च किए हैं. अब तक, स्थानीय रूप से प्राप्त सामग्री का उपयोग करके तीन मिट्टी के घरों का निर्माण किया गया है.

वह सुंदर और सौंदर्य से निर्मित घरों के निर्माण की इस पहल को कुलब मिट्टी के घर कहते हैं. राजा ने कहा कि उनके दिमाग में यह विचार तब आया जब पर्यटकों ने स्थानीय संस्कृति का प्रदर्शन देखने की इच्छा व्यक्त की.

राजा ने एएनआई को बताया की, “यहां आने वाले पर्यटक स्थानीय संस्कृति का प्रदर्शन चाहते थे. वहीं से हमें यह विचार आया और इस पर काम किया.” घाटी के एक अन्य युवा उद्यमी सोनी गिलानी ने एक नया फैशन आउटलेट और कपकेक बेकरी और कन्फेक्शनरी खोला है. यूनाइटेड किंगडम में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वापस आने के बाद उसने अपना उद्यम खोला.

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिया जा रहा ध्यान

इस पहल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत जरूरी ध्यान दिया जा रहा है. हाल ही में कश्मीर उद्यमिता सम्मेलन 2022 ने व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए कश्मीर में निवेश के लिए लगभग 500 आवेदन आमंत्रित किए.

कश्मीर (Kashmir) चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष शेख आशिक अहमद ने कहा कि वे युवाओं को इस तरह के आयोजनों में जोड़े रखना चाहते हैं. अहमद ने एएनआई को आगे बताया की, “हम इस तरह के युवा-उन्मुख कार्यक्रमों और कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. ताकि हम उन्हें व्यस्त और व्यस्त रख सकें.”

घाटी में निवेश को विदेशों के लिए खोल दिया गया है. इसलिए रिपोर्ट सकारात्मक रही है. मार्च में, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के निवेशकों के 31-सदस्यीय समूह ने घाटी की पहली विदेशी यात्रा में भाग लिया. उन्होंने स्थानीय कारीगरों से मुलाकात की और कश्मीर की सुंदरता की प्रशंसा करते हुए व्यावसायिक संभावनाओं पर चर्चा की.

अमीरात इंटरनेशनल इनवेस्टमेंट के अध्यक्ष हुए प्रभावित

बता दें की, अमीरात इंटरनेशनल इनवेस्टमेंट के अध्यक्ष अब्दुल्ला मोहम्मद यूसुफ अल शैबानी इस यात्रा के बाद बहुत प्रभावित हुए. अब्दुल्ला मोहम्मद यूसुफ अल शैबानी ने कहा की,

“हम इस यात्रा से बहुत प्रभावित हैं. कश्मीर व्यापारिक दृष्टिकोण से एक महान गंतव्य है. चाहे कोई भारत से आ रहा हो या किसी अन्य देश से, कोई भी यहां अच्छा कारोबार कर सकता है.”

इनके अलावा कई योजनाएं कश्मीरी (Kashmir) युवाओं में प्रगतिशील मानसिकता के निर्माण के लिए काम कर रही हैं. हिमायत योजना का उद्देश्य 10,000 युवाओं (18-35 आयु वर्ग) को 3-3.5 वर्ष की सहायता और प्रशिक्षण प्रदान करना है.  इसके अलावा यह योजना कम से कम आधे प्रशिक्षित युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान करती है.

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