खेल पत्रकार बोरिया मजूमदार को बीसीसीआई ने दो साल के लिए बैन कर दिया है.मंगलवार को बीसीसीआई के अंतरिम सीईओ हेमंग अमीन ने राज्य संघों को पत्र लिखकर कहा कि मजूमदार को किसी भी घरेलू या अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए मान्यता प्राप्त करने से दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है । मजूमदार पर भारत के सीनियर विकेटकीपर और सनराइजर्स हैदराबाद के सलामी बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा को धमकी देने का आरोप है.

ऋद्धिमान साहा ने पिछले महीने सोशल मीडिया पर एक मैसेज के स्क्रीनशॉट शेयर किए थे. इसमें साहा को एक पत्रकार ने धमकी दी थी. इसके बाद साहा से पूर्व धुरंधर ओपनर वीरेंद्र सहवाग और भारत के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री समेत कई खिलाड़ियों ने उस पत्रकार का नाम सभी के सामने जाहिर करने को कहा था. रवि शास्त्री ने बीसीसीआई से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. इसके बाद बीसीसीआई को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा.

ऋद्धिमान साहा ने लगाया था यह आरोप –

दो महीने ट्वीट के जरिए साहा ने कहा था कि उन्हें एक पत्रकार ने धमकी दी है. साहा ने पत्रकार बोरिया मजूमदार के जिस मैसेज को सोशल मीडिया पर शेयर किया था, उसमें मजूमदार ने धमकाने वाले लहजे में कहा था, “आपने कॉल नहीं किया. मैं कभी भी आपका इंटरव्यू नहीं करूंगा. मैं अपमान को सहजता से नहीं लेता और इसे याद रखूंगा.”

बोरिया मजूमदार का पक्ष –

पिछले महीने बोरिया मजमूदार ने एक वीडियो में कहा था, “स्क्रीनशॉट से छेड़छाड़ की गई है. वह पूरी तरह से सही नहीं है. साहा का इंटरव्यू पहले से प्लान था, उन्होंने इंटरन्यू के लिए जूम लिंक भेजने को कहा था. लेकिन वह समय देकर भी उपलब्ध नहीं हुए.”

बता दें कि ऋद्धिमान साहा को इस साल श्रीलंका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया था. इसके बाद साहा भी बोर्ड अध्यक्ष सौरव गांगुली और हेड कोच राहुल द्रविड़ से नाराज हो गए थे.

By Satyam

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