Japan ने प्रधानमंत्री ने बढ़ती मुद्रास्फीति से निपटने के लिए $260bn के पैकेज की घोषणा

Japan: कमजोर येन और मुद्रास्फीति (weak yen and inflation) के प्रभाव से अर्थव्यवस्था को बचाने के उद्देश्य से, जापान (Japan) द्वारा आज, शुक्रवार को एक बड़े प्रोत्साहन पैकेज (stimulus package) की घोषणा की गई है.

Japan ने राहत देने का किया फैसला

WION से मिली जानकारी के मुताबिक, जापान (Japan) के  प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने संवाददाताओं से कहा, “मुद्रास्फीति से निपटने और अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए एक व्यापक आर्थिक पैकेज की घोषणा की जा रही है.”

Japan ने प्रधानमंत्री ने बढ़ती मुद्रास्फीति से निपटने के लिए $260bn के पैकेज की घोषणा
Japan ने प्रधानमंत्री ने बढ़ती मुद्रास्फीति से निपटने के लिए $260bn के पैकेज की घोषणा

राहत उपायों के लिए कैबिनेट की मंजूरी से पहले, जापानी (Japan) प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने कहा कि सरकार 29.1 ट्रिलियन येन (लगभग 200 बिलियन डॉलर) के अतिरिक्त बजट की मंजूरी दे रही है. हम भविष्य के लिए अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हुए लोगों की आजीविका, रोजगार और व्यवसायों की रक्षा करना चाहते हैं.”

जापान (Japan) में महंगाई तेज़ी से बढ़ रही है. बता दें की, बीते आठ वर्षों में महंगाई अपने सबसे ऊँचे स्तर पर है. डॉलर के मुकाबले जापानी येन की वैल्यु इस साल में अब तक 20 फीसदी से ज्यादा फिसल चुकी है.

कोविड -19 महामारी से Japan की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है

जानकारों का मानना है की, कोविड -19 महामारी का जापान की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. येन की गिरावट को रोकने के लिए सरकार ने सितंबर में करीब 20 अरब डॉलर खर्च किए हैं. अमेरिका और जापानी केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों के बीच की खाई चौड़ी होती जा रही है. दुनिया भर के केंद्रीय बैंक दशकों की उच्च मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए आक्रामक रूप से ब्याज दरों में वृद्धि कर रहे हैं.

जिसका असर कई विकसशील देशों पर पड़ रहा है. जापान की सरकार यह तय नहीं कर पा रही थी कि फिस्कल मेजर की मदद से इसका समर्थन किया जाए या फिर सरकार खुद खर्च कर आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार दे. बैंक ऑफ जापान, जिसने 2016 से अपनी बेंचमार्क दर शून्य से 0.1% कम रखी है.

वित्त पोषण और राजकोषीय उपायों सहित पैकेज का कुल अमाउंट इतना है

किशिदा ने कहा कि निजी क्षेत्र के वित्त पोषण और राजकोषीय उपायों (funding and fiscal measures) सहित पैकेज का कुल अमाउंट 71.6 ट्रिलियन येन (490 ट्रिलियन अमरीकी डालर) होने की उम्मीद है. इस योजना में घरेलू बिजली और गैस के बिलों के लिए लगभग 45,000 येन (300 अमरीकी डालर) की सब्सिडी और गर्भवती या बच्चों का पालन-पोषण करने वाली महिलाओं के लिए 100,000 येन (680 अमरीकी डॉलर) के कूपन शामिल हैं.

जापानी अर्थव्यवस्था के लिए यह एक कठिन समय रहा है क्योंकि मुद्रा काफी कमजोर हो गई है. जापानी येन संयुक्त राज्य के डॉलर के मुकाबले 150 अंक ज्यादा हो गया है. जानकारों का मानना है की, 1990 के बाद से सबसे अधिक है.

बताया रहा है की, दिलचस्प बात यह है कि भारत एशिया की दूसरी सबसे बड़ी और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में जापान को पछाड़ने के करीब पहुंच रहा है. बता दें की, रूस-यूक्रेन के युद्ध के चलते दुनिया भर में तबाही मची हुई है. चीन जैसे देश भी गिरती अर्थव्यस्था का सामना कर रहे हैं.

Leave a Reply