September 25, 2022
Jammu Kashmir 2023 में करेगा G-20 बैठक की मेजबानी

Jammu Kashmir 2023 में करेगा G-20 बैठक की मेजबानी

G-20 सम्मेलन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें दुनिया की 19 प्रमुख अर्थव्यवस्थाएँ और यूरोपीय संघ को एक साथ शामिल है, जिसके सदस्य देशों का वैश्विक GDP में 80% से अधिक हिस्सा है और कुल वैश्विक व्यापार में 75% से भी अधिक भागेदारी है | साथ में कुल वैश्विक आबादी का यहाँ 60% लोग रहते हैं।
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भारत ने पाकिस्तान को बड़ी चालाकी से एक और भू-राजनैतिक हार का स्वाद चखाया है | केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर(Jammu Kashmir) को 5 अगस्त 2019 में 2 केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के बाद दुनिया से जोड़ने और वहां के हालातों के दुष्प्रचार को खत्म करने का जोरदार कदम उठाया है |

भारत अगले साल 2023 में G-20 सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमे दुनिया की 20 सबसे प्रमुख अर्थव्यवस्थाएँ शामिल होती है | जिसकी कुछ बैठकें जम्मू कश्मीर में भी आयोजित की जाएँगी |

इसके लिए 23 जून को केंद्र सरकार ने जम्मू – कश्मीर(Jammu Kashmir) के साथ समग्र समन्वय के लिए पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति की स्थापना की है।

पहली बार भारत करेगा G-20 आयोजन

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत राज्य के विशेष दर्जे की गारंटी वापस लिए जाने और अगस्त 2019 में इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद जम्मू और कश्मीर में आयोजित होने वाला यह पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन होगा।

पिछले साल सितंबर में, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को G20 के लिए भारत का शेरपा (सरकार का प्रतिनिधि) नियुक्त किया गया था। विदेश मंत्रालय द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत 1 दिसंबर, 2022 से G20 की अध्यक्षता करेगा और 2023 में पहली बार G20 नेताओं के शिखर सम्मेलन का आयोजन करेगा।

भारत 26 सितम्बर 1999 में G20 की स्थापना के बाद से ही इसका सदस्य रहा है।

गुरुवार को जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश(Jammu Kashmir) के आवास और शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव विदेश मंत्रालय से 4 जून के संचार के जवाब में गठित समिति के अध्यक्ष होंगे।

सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव, मनोज कुमार द्विवेदी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है, “केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर (Jammu kashmir ) में होने वाली जी -20 बैठकों के समग्र समन्वय के लिए एक समिति के गठन को मंजूरी दी जाती है।” समिति के सदस्यों में आयुक्त सचिव (परिवहन), प्रशासनिक सचिव (पर्यटन), प्रशासनिक सचिव (आतिथ्य और प्रोटोकॉल) और प्रशासनिक सचिव (संस्कृति) शामिल हैं।

आदेश में कहा गया है, “इसके अलावा, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में जी -20 बैठकों की व्यवस्था के समन्वय के लिए सरकार, आवास और शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव को यूटी स्तर (UT level ) के नोडल अधिकारी के रूप में भी नामित किया गया है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 से G20 शिखर सम्मेलन में भारत के प्रतिनिधित्व का नेतृत्व कर रहे हैं। MEA (विदेश मंत्रालय) के अनुसार, भारत 1 दिसंबर, 2021 से 30 नवंबर, 2024 तक G20 Troika (पूर्ववर्ती, वर्तमान और आने वाली G20 प्रेसीडेंसी) का हिस्सा होगा।

Jammu Kashmir में जी-20 सम्मेलन क्यों है अहम

भारत के पास दुनिया को जम्मू कश्मीर(Jammu kashmir) में बदलाव और वहां के विकास को दुनिया के पटल पर रखने का एक सुनहरा समय है |

हलांकि G -20 की कुछ बैठकें ही वहां आयोजित की जाएँगी इसके बावजूद देश की खिलाफ काम करने वाली ताक़तों के प्रोपगैंडा को हराने का एक अच्छा मौका है |

G-20 सम्मेलन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें दुनिया की 19 प्रमुख अर्थव्यवस्थाएँ और यूरोपीय संघ को एक साथ शामिल है, जिसके सदस्य देशों का वैश्विक GDP में 80% से अधिक हिस्सा है और कुल वैश्विक व्यापार में 75% से भी अधिक भागेदारी है साथ में कुल वैश्विक आबादी का यहाँ 60% लोग रहते हैं।

G20 सदस्य देशों में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, जर्मनी, फ्रांस, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम , संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपियन यूनियन शामिल हैं।

 

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