ईरान पर बार-बार इजरायल के हितों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए, इजराइली प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने कहा है कि तेहरान (ईरान की राजधानी) को अपने प्रॉक्सी( किसी दूसरे से ) के माध्यम से हमले के लिए उकसाने के लिए दंडित किया जाएगा।

बेनेट के अनुसार, “दशकों से, ईरानी शासन ने परदे के पीछे, दूसरों लोगों के माध्यम से इज़राइल और क्षेत्र के खिलाफ आतंकवाद का अभ्यास किया है, लेकिन ऑक्टोपस की तरह हाथ भले किसी और का हो परन्तु उसके पीछे दिमाग और प्लानिंग ईरान ने ईरान की ही होती है |

उन्होंने कहा, “जैसा कि हमने पहले कहा है, ईरानी सरकार के अब बचने समय समाप्त हो गया है। जो लोग आतंकवादियों को वित्तपोषित करते हैं, जो आतंकवादी हैं, और जो आतंकवादी भेजते हैं, उन्हें इसकी पूरी कीमत चुकानी होगी।”

उनका यह बयान तेहरान में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कर्नल हसन सैय्यद खोडाई की हत्या के एक हफ्ते बाद आया है, जिसके लिए ईरान ने इस्राइल पर आरोप लगाया गया है।

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कर्नल हसन सैय्यद खोडाई, जिन्हे “धर्मस्थलों का रक्षक” कहा जाता था, एक हफ्ते पहले मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी |

ईरान ने दावा किया था कि इस्राइल की इंटेलिजेंस एजेंसी मोसाद ने इस हमले को अंजाम दिया था क्योंकि हत्या के तौर-तरीके उसके पिछले कार्यों से मेल खाते थे।

खोडाई की हत्या के बाद, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने इजरायली खुफिया सेवा नेटवर्क के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया, जिनके बारे में उनका मानना ​​था कि ईरान में जासूसी और हमले किए गए थे।

ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रसी ने इस हत्या का बदला लेने का संकल्प लेते हुए, खोडाई को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स की विदेशी ऑपरेशन शाखा, कुद्स फोर्स के ‘शहीद’ के रूप में सम्मानित किया।

नवंबर 2020 में शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक मोहसेन फखरीजादेह के बाद खोडाई की हत्या ईरान के अंदर सबसे हाई प्रोफाइल है। गौरतलब है की पिछले साल मोहसेन फखरीजादेह की अज्ञात हमलावरों ने रोबोट से संचालित ऑटोमैटिक मशीनगन से हत्या कर दी थी | वो ईरान के परमाणु कार्यक्रम के सबसे प्रमुख वैज्ञानिक थे |

ईरान ने कम से कम 6 ईरानी वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों की हत्याओं की निंदा की है जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के एजेंटों द्वारा 2010 से अब तक हमले में मारे गए हैं।

माना जाता है कि ये हमला ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बाधित करने के लिए किया था, जिसके बारे में पश्चिम देशों का कहना है कि इसका उद्देश्य परमाणु बम बनाना है, लेकिन तेहरान ने इस आरोप से इनकार करता है |

By Satyam

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