September 25, 2022
Inflation: श्रीलंका में महंगाई की मार, अगस्त में महंगाई दर 70.2% पहुँची

Inflation: श्रीलंका में महंगाई की मार, अगस्त में महंगाई दर 70.2% पहुँची

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Inflation: बीते महीनों से श्रीलंका की हालत खराब चल रही है. श्रीलंका पूरी तरह से कंगाल हो गया है. श्रीलंका की डूबती अर्थव्यवस्था के चलते जनता ने श्रीलंका के राष्ट्रपति भवन पर भी कब्ज़ा कर लिया था.

जिसके बाद से वहां के पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को देश छोड़ कर भागना पड़ा था.

बता दें की, श्रीलंका में उपभोक्ता मुद्रास्फीति अगस्त में बढ़कर 70.2 प्रतिशत हो गई है. सांख्यिकी विभाग (statistics department) ने कहा है की ऐसा इस लिए हुआ है क्योंकि द्वीप राष्ट्र दशकों में अपने सबसे खराब आर्थिक संकट(Economic Crisis) से जूझ रहा है.

सांख्यिकी विभाग ने साझा Inflation के आंकड़े

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, गहरे आर्थिक एवं मौद्रिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका में मुख्य मुद्रास्फीति (Srilanka-Inflation) अगस्त के महीने में 70.2 प्रतिशत से अधिक हो गई है. श्रीलंका में हालात दिन पर दिन बिगड़ते जा रहे हैं.

जनगणना और सांख्यिकी विभाग ( Department of Census and Statistics) ने बुधवार को एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (NCPI) एक साल पहले की तुलना में पिछले महीने 70.2 प्रतिशत बढ़ा है. जुलाई में 66.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी.

बता दें की, पर्यटन पर निर्भर 2.2 करोड़ लोगों की आबादी वाले दक्षिण एशियाई देश में खाद्य कीमतों में 84.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. जबकि गैर-खाद्य पदार्थों की कीमतों में 57.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

सेंट्रल बैंक ऑफ श्रीलंका (CBSL) ने अगस्त में कहा था कि देश की अर्थव्यवस्था धीमी होने के कारण मुद्रास्फीति (Inflation) की दर लगभग 70 प्रतिशत के शिखर पर पहुंचने के बाद नीचे उतरेगी. हर महीने 21 दिनों के अंतराल के साथ ये रिपोर्ट जारी की जाती है.

CCPI की रिपोर्ट ने बताई ये बातें

अधिक बारीकी से निगरानी रखने वाला कोलंबो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Colombo Consumer Price Index) का कहना है की, मुद्रास्फीति अगस्त में 64.3 प्रतिशत बढ़ी है. यह राष्ट्रीय कीमतों के लिए एक प्रमुख संकेतक के रूप में सामने आया है. यह ये भी दिखाता है कि श्रीलंका के सबसे बड़े शहर में मुद्रास्फीति कैसे विकसित हो रही है.

ये उर्वरक और ईंधन (fertiliser and fuel) की कमी के बीच, तीन महीने की अवधि में देखी गई सबसे बड़ी गिरावट में से एक है. श्रीलंका की अर्थव्यवस्था एक साल पहले जून से तिमाही में 8.4 प्रतिशत सिकुड़ गई थी.

आर्थिक कुप्रबंधन और COVID-19 महामारी के प्रभावों के कारण श्रीलंका में उथल पुथल मची थी. जिसकी वजह से भोजन, ईंधन, उर्वरक और दवा सहित आवश्यक सभी चीज़े आसमान छू रहीं हैं.

IMF के साथ श्रीलंका ने किया था समझौता

इस महीने की शुरुआत में देश ने लगभग 2.9 बिलियन डॉलर के ऋण के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) के साथ एक प्रारंभिक समझौता किया था. जो आधिकारिक लेनदारों से वित्तीय आश्वासन प्राप्त करने और निजी लेनदारों के साथ बातचीत पर निर्भर था.

श्रीलंका के इस संकट के समय में उसका पड़ोसी देश  भारत भी लगातार मदद कर रहा है. बता दें की भारत अब तक श्रीलंका को लगभग 4 बिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान कर चुगा है.

कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने कहा कि उसने 16 सितंबर को श्रीलंकाई अधिकारियों के साथ पहले दौर की ऋण वार्ता की है. भारतीय उच्चायोग ने यह भी कहा कि भारत सभी संभव तरीकों से विशेष रूप से प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों में श्रीलंका की मदद करना जारी रखेगा.

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