भारत के शौनक सेन की डाक्यूमेंट्री ‘आल दैट ब्रीद’ को कान्स में गोल्डन आई अवॉर्ड मिला है। इसके अलावा उन्हें सनडांस फिल्म फेस्टिवल में ग्रैंड जूरी जैसे कई दूसरे पुरस्कार भी मिले हैं।

कान्स फिल्म समारोह के इतिहास में पहली बार कोई पाकिस्तानी फिल्म ऑफिशियल सेलेक्शन में शामिल हुई है। यह फिल्म सैम सादिक की है, जिसका नाम ‘ज्वाय लैंड’ है। इस फिल्म को अन सर्टेन रिगार्ड में जूरी प्राइज से नवाजा गया। पढ़े पूरी खबर- https://t.co/EzUnPgQXOw

कान्स फिल्म फेस्टिवल में इस बार 147 बेहतरीन फिल्मों को दिखाया गया था। यह फेस्टिवल 17 मई से शुरू हुआ था, जो 28 मई तक चला।

कोरोना के बाद यह सबसे बड़ा ऐसा फिल्म फेस्टिवल था, जिसमें स्वास्थ्य संबंधी कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया। इस साल भारत की आजादी की भी 75वीं जयंती है और सबसे ज्यादा इंडियन इस बार फेस्टिवल में शामिल हुए थे। ऑफिशियल सिलेक्शन में टोटल चार भारतीय फिल्में थीं, जो हाउसफुल गईं और जिन्हें विदेशी दर्शकों ने खूब पसंद किया। कान्स क्लासिक में इंडियन नेशनल फिल्म आर्काइव (पुणे) द्वारा संरक्षित सत्यजीत राय की बांग्ला फिल्म ‘प्रतिद्वंद्वी’ (1970) और शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर द्वारा संरक्षित जी अरविंदम की मलयालम फिल्म ‘थम्प, द सर्कस टेंट (1978) दिखाई गई।

कान्स फिल्म फेस्टिवल में भले ही भारत को ‘कंट्री ऑफ ऑनर’ का दर्जा दिया गया हो, या दीपिका पादुकोण को मुख्य जूरी में लिया गया हो, पूरे समारोह में भारत की उपस्थिति मुख्य थी। भारत की उपस्थिति इंटरनेशनल विलेज के इंडियन पैविलियन तक सीमित थी, जहां हर समय भारी भीड़ लगी रही थी।

By Satyam

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