दुनिया भर में बढ़ते मंकीपॉक्स वायरस के खतरे के बीच एक प्राइवेट भारतीय हेल्थ कंपनी ट्रिविट्रान हेल्थकेयर ने घोषणा की है कि उसने मंकीपॉक्स वायरस का पता लागने के लिए RT PCR किट बनाई है। कंपनी के अनुसार उनकी इस RT- PCR किट से वायरस का पता मात्र एक घंटे में चल जाएंगे।

इससे पहले केंद्र सरकार भी मंकीपॉक्स वायरस को लेकर सतर्क हो गई है। केंद्र सरकार ने अब इसको लेकर विभागों को जरुरी दिशा निर्देश जारी कर दिए है। मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों के बाद अब यूपी सरकार ने भी अलर्ट जारी कर दिया है और अधिकारियों को विदेश यात्रा से वापस लौटे यात्रियों की निगरानी रखने की जरूरत बताई है | यूरोप-अमेरिका में फैले मंकीपॉक्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है |

वहीं स्वास्थ्य विभाग ने निजी व सरकारी अस्पतालों को सतर्क रहने को कहा है, मंकीपॉक्स के लक्षण वाले मरीजों को जांच कराकर भर्ती करने के निर्देश दिए और लक्षण वाले मरीजों को जांच कर आइसोलेट करने के लिए निर्देश दिए गए है.

मंकीपॉक्स वायरस के संक्रमण में से होने वाली एक दुर्लभ बीमारी है | मंकीपॉक्स वायरस के लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों के दर्द, पीठ दर्द, ठंड लगाना और थकावट आदि शामिल है। बुखार आने के 1 से 3 दिनों के अंदर रोगी को दाने होने लगते है, जो अक्सर चेहरे से शुरू होते है और फिर शरीर के अन्य अंगो में भी फैल जाते है.

मंकीपॉक्स वायरस को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें काफी सतर्क है और अभी से जरुरी कदम उठाने शुरू कर दिए है, जिसको लेकर सम्बंधित विभागों को जरुरी दिशा निर्देश भी जारी कर दिए है |

विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि देशों को मंकीपॉक्स के प्रसार को रोकने के लिए त्वरित कदम उठाने चाहिए और अपने टीके के भंडार के बारे में डेटा साझा करना चाहिए।

“हमें लगता है कि अगर हम अभी सही उपाय करते हैं तो हम शायद इसे आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं,” ग्लोबल इंफेक्शियस हैज़र्ड प्रिपेयरनेस के डब्ल्यूएचओ के निदेशक सिल्वी ब्रायंड ने यूएन एजेंसी की वार्षिक सभा को बताया।

मंकीपॉक्स आमतौर पर हल्का वायरल संक्रमण है जो पश्चिम और मध्य अफ्रीका के कुछ हिस्सों में स्थानिक है।यह मुख्य रूप से निकट संपर्क के माध्यम से फैलता है और हाल के प्रकोप तक, दुनिया के अन्य हिस्सों में शायद ही कभी देखा गया था, यही वजह है कि हाल ही में यूरोप, संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य क्षेत्रों में मामलों के उभरने ने अलार्म बढ़ा दिया है।

अब तक, लगभग 20 देशों में लगभग 300 पुष्ट या संदिग्ध मामले हैं, जहां पहले यह वायरस नहीं फैला था।

By Satyam

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