India-UK के मुक्त व्यापार समझौते से बढ़ेगा रोजगार, निवेश और निर्यात

India-UK: भारत और ब्रिटेन मंगलवार को मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता जल्द से जल्द पूरी करने पर सहमत हुए हैं. वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते के लिए वार्ता की प्रगति की समीक्षा करने के लिए मंगलवार को यूके (UK) के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार राज्य सचिव केमी बडेनोच से मुलाकात की और इसे जल्द से जल्द पूरा करने पर सहमति व्यक्त की है.

India-UK के इस समझौते से दोनों देशों को होगा फ़ायदा

रायटर्स से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत और ब्रिटेन (India-UK) के बीच मुक्त व्यापार समझौता लाभ दायक होगा. अक्टूबर में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक सरकार के कार्यभार संभालने के बाद प्रस्तावित एफटीए (FTA) पर यह पहली बड़ी चर्चा थी. दोनों पक्षों (India-UK)  ने पहले दीवाली तक वार्ता समाप्त करने की योजना बनाई थी.

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा की, “भारत-यूके (India-UK) एफटीए वार्ता और द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों की सीमा पर चर्चा की गई है.” बताया जा रहा है की, भारत-यूके एफटीए वार्ता का छठा दौर नई दिल्ली में चल रहा है. पिछले दौर की बातचीत जुलाई में हुई थी. एफटीए के लिए बातचीत इस साल 13 जनवरी को शुरू हुई थी.

India-UK के बीच तेज़ी से बढ़ेगा व्यापार

बयान के अनुसार, दोनों मंत्रियों (India-UK) ने एफटीए वार्ताओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की है. जो रोजगार पैदा करके और निवेश और निर्यात को बढ़ावा देकर दोनों देशों के बीच व्यापार की पूरी क्षमता को अनलॉक करेगा.

India-UK के मुक्त व्यापार समझौते से बढ़ेगा रोजगार, निवेश और निर्यात
India-UK के मुक्त व्यापार समझौते से बढ़ेगा रोजगार, निवेश और निर्यात

भारत सरकार के एक सूत्र ने रायटर को बताया कि मार्च तक यह सौदा बंद करने का इरादा है. अधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि ड्रग पेटेंट पर भी चर्चा की जा सकती है. लेकिन विवरण प्रदान करने से इनकार कर दिया है.

ब्रिटेन के मंत्री भारतीय व्यापार मंत्री पीयूष गोयल से कर रहे हैं मुलाक़ात

ऐसा कहा जा रहा था की, बडेनोच को भारतीय व्यापार मंत्री पीयूष गोयल से मिलेंगे और बातचीत का दौर शुरू होने से पहले बातचीत करने वाली टीमों को संबोधित करेंगे. बडेनोच ने एक बयान में कहा है की, “मैं यहां यूके-भारत (India-UK) व्यापार वार्ता के छह दौर की शुरुआत करने और इस समझौते पर प्रगति के लिए अपने समकक्ष मंत्री गोयल से व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए नई दिल्ली में हूं.”

आगे उन्होंने कहा था की, “दोनों देश उच्चतम महत्वाकांक्षाओं और पारस्परिक रूप से लाभकारी सौदे की दिशा में मिलकर काम करने की इच्छा के साथ आए हैं.” ब्रिटेन के व्यापार मंत्रालय ने कहा कि इसका उद्देश्य वस्तुओं पर शुल्क में कटौती करना और अपने सेवा क्षेत्र के लिए अवसर खोलना है. ब्रिटिश उद्योगों में जो कम टैरिफ चाहते हैं वो व्हिस्की (whisky) क्षेत्र है.

व्हिस्की के लिए भारतीय बाज़ार ने इतनी कमाई की थी

व्हिस्की के लिए भारतीय निर्यात बाजार पिछले साल लगभग 150 मिलियन पाउंड (180 मिलियन डॉलर) का था. लेकिन 150% टैरिफ था. ब्रिटेन में पढ़ने और काम करने के लिए भारत की प्राथमिकता अधिक वीजा है. ब्रिटिश आंतरिक मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने अक्टूबर में एक विवाद खड़ा कर दिया था. जब उन्होंने कहा था कि भारतीय प्रवासियों का सबसे बड़ा समूह है. जो देश में अधिक समय तक रहते हैं.

कुल मिलाकर, ब्रिटेन और भारत के बीच 29 बिलियन पाउंड (35.5 बिलियन डॉलर) का व्यापारिक संबंध है. और इसका विस्तार ब्रिटेन की इंडो-पैसिफिक विदेश नीति झुकाव का एक प्रमुख हिस्सा है. जिसका उद्देश्य क्षेत्र की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के साथ संबंधों को बढ़ाना है.

 

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