Delhi में 'No Money For Terror 2022' की मेजबानी करेगा भारत

Delhi: अधिकारिक सरकारी सूत्रों ने बताया कि आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ लड़ाई के लिए समर्पित भारत अगले सप्ताह दो दिवसीय ‘No Money For Terror’ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा. यह तीसरा सम्मेलन है. जिसका आयोजन 18-19 नवंबर को दिल्ली (Delhi) में किया जा रहा है. इसमें एग्मोंट समूह के सदस्य राज्यों के मंत्रियों, राजनयिकों और आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञों की इस बैठक में भाग लेने की उम्मीद है.

Delhi में होगी यह बैठक, MEA की देखरेख में हो रहा सब कुछ

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली (Delhi) में हो रहे इस सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है. यह आयोजन गृह मंत्रालय (MHA) की देखरेख में किया जा रहा है. इस तरह की पहली बैठक 2018 में पेरिस (फ्रांस) में और दूसरी 2019 में मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया) में हुई थी. 2019 सम्मेलन में लगभग 65 देशों ने भाग लिया था. इस साल इसका आयोजन दिल्ली (Delhi) में हो रहा है.

भारत को 2020 में दिल्ली (Delhi) में सम्मेलन की मेजबानी करनी थी लेकिन कोविड -19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था. बता दें की, सम्मेलन 150 से अधिक देशों की वित्तीय खुफिया इकाइयों (Financial Intelligence Units) द्वारा आयोजित किया जाता है. जिसे संयुक्त रूप से एग्मोंट समूह (Egmont Group) कहा जाता है. ‘No Money For Terror’ की लड़ाई में भारत आगे नज़र आ रहा है. भारत खुद आतंकवाद से बहुत परेशान है.

 Delhi में 'नो मनी फॉर टेरर 2022' की मेजबानी करेगा भारत
Delhi में ‘नो मनी फॉर टेरर 2022’ की मेजबानी करेगा भारत

आतंकवाद कट्टरपंथ को लेकर एक वरिष्ठ अधिकारी ने साझा की ये बातें

भारत के (Financial Intelligence Units) में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है की, “इस सम्मलेन में आतंकवाद कट्टरपंथ के वित्तपोषण (CFR) पर चर्चा होगी. यह सम्मलेन कहीं हद तक कट्टरपंथ को रोक देगा. इस बैठक क्रिप्टो-मुद्राओं का दुरुपयोग भी शामिल होगा.”

उन्होंने आगे कहा की, “बैठक के अन्य प्रमुख मुद्दों में FIU के बीच सूचना और सहयोग के आदान-प्रदान में सुधार करना है.” मेलबर्न में सम्मेलन के दूसरे एडिशन में, भारत ने उन सभी के खिलाफ एकजुट वैश्विक प्रयास का आह्वान किया है. जो आतंक का समर्थन करते हैं या आतंकवाद के लिए पैसे से मदद करते हैं. भारत ने यह भी बताया कि कैसे आतंकी समूह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं. भारत ने संयुक्त राष्ट्र को सचेत किया था.

FATF के मानकों का हो प्रभावी ढंग से पालन

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया था कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) मानकों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र लिस्टिंग या FATF का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए.

बता दें की, भारत ने इस साल बाद में दिल्ली में प्रस्तावित ‘नो मनी फॉर टेरर कॉन्फ्रेंस’ में ऑस्ट्रेलिया की भागीदारी का स्वागत किया. भारत संयुक्त रूप से आतंकवाद से लड़ने के लिए समर्थन जुटाने के अपने प्रयासों के हिस्से के रूप में सम्मेलन का आयोजन कर रहा है.

वैसे भारत ने वैश्विक आतंकवाद रोधी ढांचे की चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए 29 अक्टूबर को सीटीसी (CTC) बैठक का आयोजन किया था. सीटीसी (CTC) बैठक में रुचिरा कंबोज ने कहा था की, “नयी और उभरती प्रौद्योगिकियों ने आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद की है. लेकिन उन्होंने चुनौतियों को भी जन्म दिया है. जिन पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ध्यान देने की जरूरत है.”

 

 

 

Leave a Reply