September 25, 2022
India helping Afganistan

India helping Afganistan

विदेश मंत्रालय ने कहा कि मंत्रालय में पाकिस्तान-अफगानिस्तान-ईरान डिवीजन के संयुक्त सचिव जेपी सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम काबुल में तालिबान से मानवीय आवश्यकताओं पर बातचीत करेगी।
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अफगानिस्तान (Afganistan) की राजधानी काबुल(Kabul) में तालिबान के 15 अगस्त 2021 को कब्जे के बाद पिछले साल अगस्त में भारत द्वारा अपने दूतावास को खाली कर दिया था | तब से अब भारत सरकार ने पहली बार वरिष्ठ राजनयिकों की एक टीम अफगानिस्तान भेजी है।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को एक घोषणा में कहा कि मंत्रालय में पाकिस्तान-अफगानिस्तान-ईरान डिवीजन के संयुक्त सचिव जेपी सिंह (JP Singh) के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम मानवीय आवश्यकताओं के संबंध में काबुल में तालिबान प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेगी।

काबुल यात्रा के दौरान यह टीम मानवीय सहायता के वितरण में शामिल अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगी।आधिकारिक घोषणा में कहा गया इसके अलावा, टीम के उन विभिन्न स्थानों का भी दौरा करने की उम्मीद है जहां भारतीय कार्यक्रम और परियोजनाएं लागू की जा रही थी।

तालिबान के अफगानिस्तान (Afganistan) की सत्ता संभालने पर भारत ने पिछले साल काबुल में अपने दूतावास के साथ-साथ कंधार और मजार-ए-शरीफ जैसे शहरों में वाणिज्य दूतावासों (Consulates) को भी बंद कर दिया था |

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अफगानिस्तान के लोगों की सहायता

यह यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि भारत ने तालिबान प्रशासन को मान्यता देने से मना किया था और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी तालिबान को मान्यता देने में जल्दबाज़ी न करने का आग्रह किया था।

तालिबान सरकार की मान्यता न होने के बावजूद, भारत अफगान लोगों की मानवीय आवश्यकताओं और जरूरतों का समर्थन करता रहा है और इस साल की शुरुआत से ही उन्हें चिकित्सा और खाद्य सहायता भेज रहा है।

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, नई दिल्ली ने 20,000 मीट्रिक टन गेहूं, 13 टन दवाएं, COVID-19 टीकों की 500,000 खुराक और सर्दियों के कपड़े भेजे हैं। यह मानवीय खेप काबुल के इंदिरा गांधी चिल्ड्रन हॉस्पिटल में भेजी गईं और संयुक्त राष्ट्र, विश्व स्वास्थ्य संगठन और विश्व खाद्य कार्यक्रम जैसे बहुपक्षीय संगठनों की मदद से अफगान लोगों में वितरित की गईं।

MEA ने कहा कि आने वाले महीनों में और अधिक खाद्यान्न और मेडिकल शिपमेंट अफगानिस्तान भेजे जाएंगे। यह भी घोषणा की गई कि भारत ने ईरान में रहने वाले अफगान शरणार्थियों के बीच वितरण के लिए ईरान को COVID-19 टीकों की एक मिलियन खुराक (10 लाख) भी भेजी है।

मंत्रालय के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि “भारत के अफगान लोगों के साथ ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध रहे हैं और ये लंबे समय से चले आ रहे संबंध हमारे दृष्टिकोण का मार्गदर्शन करते रहेंगे।”

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