September 25, 2022
Mohammed Zubair: मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर जर्मनी की टिप्पणी के बाद भारत ने दिया जवाब

Mohammed Zubair: मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर जर्मनी की टिप्पणी के बाद भारत ने दिया जवाब

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मोहम्मद जुबैर (Mohammed Zubair) की गिरफ्तारी पर जर्मनी ने पत्रकारों की आजादी पर अपनी टिप्पणी की और कहा वह ऑल्ट न्यूज़ (ALT news) के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के कथित आपत्तिजनक ट्वीट (Tweet) के मामले की निगरानी कर रहा है.

इस पर भारत सरकार ने जवाब देते हुए कहा की ये हमारा आंतरिक मामला है जो न्यायालय में विचाराधीन है .

भारत का रुख बिलकुल साफ़

बता दें की, भारत के (ALT News) के पत्रकार मोहम्मद जुबैर(Mohammed Zubair) की गिरफ्तारी पर जर्मनी की टिप्पणी नागवार गुजरी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची का साफ़ कहना है की ये हमारा आंतरिक मामला है और इस पर हमारे यहाँ निष्पक्ष जाँच हो रही है. उन्होंने ये भी कहा की, “न्यायपालिका पर बिना सूचना के टिप्पणी करना बेकार है और इससे बचना चाहिए.”

जर्मन (German) विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बुधवार को कहा कि वे मोहम्मद जुबैर (Mohammed Zubair) के मामले पर करीब से नजर रखे हुए हैं. जर्मनी ने कहना है कि स्वतंत्र रिपोर्टिंग किसी भी समाज के लिए फायदेमंद है और इस पर प्रतिबंध लगाना चिंता का विषय है.

पत्रकारों को उनके कहने और लिखने के लिए सताया और कैद नहीं किया जाना चाहिए. क्योंकि यही लोग समाज में बदलाव लाते हैं. जर्मनी ने इसके साथ कहा की, दिल्ली में हमारा दूतावास इसकी बहुत बारीकी से निगरानी कर रहा है.

27 जून को गिरफ्तार किया गया था मोहम्मद जुबैर को

बता दें की, ऑल्ट न्यूज़ (ALT News) के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर (Mohammed Zubair) को 27 जून को गिरफ्तार किया गया था. एक ट्वीट को लेकर सारा बवाल खड़ा हुआ था. बता दें की, जुबैर का विवादित ट्वीट मार्च 2018 में पोस्ट किया गया था. दिल्ली (Delhi) की एक अदालत ने 4 जुलाई को जुबैर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद जुबैर को एक अन्य मामले के सिलसिले में उन्हें सीतापुर (Sitapur) ले जाया गया था.

मिली जानकरी के मुताबिक, अदालत ने शनिवार को जुबैर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. बता दें की, केंद्र में मौजूदा बीजेपी (BJP) सरकार पर लगातार अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने के आरोप लगते रहे हैं. कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भारत सरकार द्वारा पत्रकारों के दमन को लेकर चिंता जाहिर कर चुकी हैं. इनमें संयुक्त राष्ट्र (United Nations) भी शामिल है.

Toronto पर भी बोले बागची

दुसरे सवालों का जवाब देते हुए बागची (Arindam Bagchi) ने कहा कि सरकार ने टोरंटो (Toronto) के आगा खान संग्रहालय में हिंदू देवताओं के अनुचित चित्रण दिखाया गया है. उस पर हमने उचित कार्यवाई की है. इसके साथ ही उन्होंने कहा की, भारतीय उच्चायोग द्वारा कनाडाई अधिकारियों से इसे वापस लेने का आग्रह किया गया था.

इसके अलावा उन्होंने कहा की, हमने कनाडा के अधिकारियों से ऐसी भड़काऊ सामग्री के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था. और हमारी कार्रवाई के अनुसार, सामग्री को हटा दिया गया है. इसे अभी वहां टेलीकास्ट नहीं किया जाएगा. कार्यक्रम के दो आयोजकों ने एक माफीनामा भी जारी किया है. बता दें की, अंतरसांस्कृतिक समझ और संवाद को बढ़ावा देने के संग्रहालय के मिशन के संदर्भ में कनाडा में एक प्रोग्राम आयोजित किया गया था.

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