UNHRC में भारत ने पाकिस्तान को लगाई फटकार, भारत ने कहा, 'J-K और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा था और रहेगा'

UNHRC: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गुरुवार  को विश्व मंच पर कश्मीर के मुद्दे को फिर से उठाने के लिए पाकिस्तान की खिंचाई की है. तुषार मेहता की प्रतिक्रिया पाकिस्तान के प्रतिनिधि द्वारा UNHRC में कश्मीर का मुद्दा उठाने के बाद आई है.

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आगे गुरुवार को जिनेवा में भारत के परिपेक्ष में कहा की, “भारत मानवाधिकार रक्षकों, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं के काम की सराहना करता है. लेकिन साथ ही उन्हें कानून का पालन भी करना चाहिए.”

UNHRC में पाकिस्तान को सुनाई गई खरी-खोटी

Scroll.in में छपी खबर के मुताबिक,संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में सार्वभौमिक सामयिक समीक्षा (UPR) कार्यकारी समूह के 41वें सत्र को संबोधित करते हुए सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पाकिस्तान को खूब खरी-खरी सुनाई है.

सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पाकिस्तान को दृढ़ता से कहा कि जम्मू, कश्मीर और लद्दाख हमेशा उसके अभिन्न और अविभाज्य अंग थे और रहेंगे. आगे उन्होंने UNHRC में कहा की,  2019 में संवैधानिक परिवर्तनों के बाद, क्षेत्र के लोग अब अपनी पूरी क्षमता का एहसास करने में सक्षम हैं. जैसा कि देश के अन्य हिस्सों में है.”

UNHRC में भारत ने पाकिस्तान को लगाई फटकार, भारत ने कहा, 'J-K और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा था और रहेगा'
UNHRC में भारत ने पाकिस्तान को लगाई फटकार, भारत ने कहा, ‘J-K और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा था और रहेगा’

अब कश्मीर में अनुच्छेद 370 के हटने के बाद आया है बहुत सुधार

पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए, उन्होंने UNHRC में आगे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) की तुलना में 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद जम्मू-कश्मीर के परिवर्तन की बातें भी साझा की.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में 7-18 नवंबर तक होने वाले यूनिवर्सल पीरियॉडिक रिव्यू (UPR) वर्किंग ग्रुप के 41वें सत्र में बोलते हुए, भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कश्मीर मुद्दे को उठाने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की है. पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने भारत द्वारा अगस्त 2019 में उठाए गए कदमों की आलोचना की.

इस साल इतने पर्यटक आये हैं जम्मू-कश्मीर, खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं

यूपीआर (UPR) के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे मेहता ने कहा है की, “सीमा पार आतंकवाद के लगातार खतरे के बावजूद, अगस्त 2019 से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में काफी सुधार हुआ है.” बता दें की, 2019 में भारत ने जम्मू और कश्मीर की विशेष स्थिति को रद्द कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था.

तुषार मेहता ने UNHRC में कहा, “जम्मू कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश हमेशा भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा थे और रहेंगे.” उन्होंने आगे कहा कि, “भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए कई कदम उठाए हैं. जिसमें जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की बहाली, सुशासन और बुनियादी ढांचे, पर्यटन और व्यापार का अभूतपूर्व विकास शामिल है.”

उन्होंने कहा कि, “इस साल 1.6 करोड़ से ज्यादा पर्यटक जम्मू-कश्मीर आए हैं. जो अब तक के सबसे पर्यटको की आने की संख्या है.” उन्होंने आगे बताया की केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर की जनता को बहुत कुछ दिया है. उन्होंने कहा, ““क्षेत्र में 800 से अधिक लोगों के लिए प्रगतिशील केंद्रीय कानूनों का विस्तार करने से जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के सभी लोगों के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित हुए हैं.”

 

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