भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के उस प्रस्ताव पर वोटिंग से परहेज किया है जिसमें दक्षिण सूडान के खिलाफ प्रतिबंधों को बढ़ा दिया गया है।

यह प्रस्ताव पिछले सप्ताह सुरक्षा परिषद ने लिया था जिसका मसौदा अमेरिका ने तैयार किया था।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि (Deputy Permanent Representative) राजदूत आर रवींद्र ने कहा, “जिस प्रस्ताव पर मतदान किया गया था वह अपेक्षाओं से कम है और दक्षिण सूडान द्वारा किए गए सकारात्मक कदमों पर उचित विचार किए बिना प्रतिबंध उपायों को बनाए रखना जारी रखता है।”

इस प्रस्ताव का 10 देशों ने समर्थन किया, जबकि भारत समेत 5 देशों ने इस पर वोटिंग से परहेज किया। परहेज करने वाले देश थे – चीन, भारत, रूस, गैबॉन और केन्या।

इन प्रतिबंधों में यात्रा प्रतिबंध, संपत्ति फ्रीज और हथियार प्रतिबंध शामिल हैं। भारतीय राजदूत ने समझाया “हम दृढ़ता से मानते हैं कि इस महत्वपूर्ण चरण में दक्षिण सूडान को शांति, स्थिरता और विकास की खोज में आत्मविश्वास से आगे बढ़ने के लिए अधिक रचनात्मक जुड़ाव और प्रोत्साहन की आवश्यकता है” और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को “चिंताओं को दूर करने” उन सभी प्रयासों पर गौर करने की आवश्यकता है जो दक्षिण सूडान द्वारा प्रतिबंध हटाने के संबंध में उठाया जाता रहा है |

UNSC के प्रस्ताव में प्रतिबंधों को अगले साल 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिण सूडान ने उन देशों का शुक्रिया अदा किया है जिन्होंने मतदान के दौरान वोट से परहेज किया है ।

राजदूत आर रवींद्र ने दक्षिण सूडान के साथ नई दिल्ली के “करीबी और ऐतिहासिक संबंधों” का उल्लेख किया और कहा कि “शांति और स्थिरता की दिशा में दक्षिण सूडान के सामने आने वाली भारी चुनौतियों से हम अवगत है।”

भारत के पास दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन में सबसे बड़े ट्रूप कंट्रीब्यूटिंग देशों (TCCs) में से एक है, जिसमें लगभग 2400 सैनिकों की शांति सेना है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला, “दक्षिण सूडान संयुक्त राष्ट्र में एक नया सदस्य राज्य है, जो अभी गृहयुद्ध के कहर से उभर रहा है और कई समस्याओं , राजनीतिक, सुरक्षा और विकासात्मक चुनौतियों का सामना कर रहा है।

2011 में मिली थी आज़ादी

दक्षिण सूडान ने दशकों के खूनखराबे और गृहयुद्ध के बाद सूडान से 2011 में अपनी स्वतंत्रता से प्राप्त की थी। दक्षिण सूडान द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए, राजदूत आर रवींद्र ने कहा, “देश में सुरक्षा की स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुयी है और अधिक स्थिरता आयी है।

गौर करने वाली बात ये है कि भारत ने पिछले हफ्ते उत्तर कोरिया के खिलाफ प्रतिबंधों का समर्थन किया, जब उसने फिरसे बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया था। लेकिन अमेरिका द्वारा प्रस्तावित ये प्रतिबंधों को पारित नहीं किया जा सका क्योंकि रूस और चीन ने उन्हें वीटो कर दिया था। प्रतिबंधों पर 15 सदस्यीय परिषद में 2 वीटो के विपरीत 13 वोट पक्ष में थे |

By Satyam

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