India ने इस्लामिक सहयोग संगठन के पाकिस्तान दौरे पर सुनाई खरी-खरी

India: भारत (India) ने इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के महासचिव हिसैन ब्राहिम ताहा पर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) का दौरा करने और पाकिस्तान की अपनी यात्रा के दौरान भारत (India) के जम्मू-कश्मीर पर उनकी टिप्पणियों के लिए निशाना साधा है.

विदेश मंत्रालय ने बड़े पैमाने पर मुस्लिम-बहुल देशों के 57 सदस्यीय समूह पर निशाना साधते हुए कहा है की, “ओआईसी (OIC) पहले ही सांप्रदायिक, पक्षपातपूर्ण और मुद्दों पर तथ्यात्मक रूप से गलत दृष्टिकोण अपनाकर अपनी विश्वसनीयता खो चुका है. OIC का महासचिव दुर्भाग्य से एक मुखपत्र बन गया है.” हमें उम्मीद है कि वह भारत (India) में खासकर जम्मू-कश्मीर में सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के पाकिस्तान के नापाक एजेंडे को पूरा करने में भागीदार बनने से परहेज करेगा.”

India ने OIC की निंदा की

Dawn से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत (India) ने मंगलवार को इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के महासचिव की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की यात्रा और जम्मू-कश्मीर पर उनकी टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि क्षेत्र से संबंधित मामलों में समूह का कोई अधिकार नहीं है.

भारत (India) के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ओआईसी (OIC) के महासचिव हिसेन ब्राहिम ताहा की पीओके (POK) की यात्रा पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है की, “ओआईसी (OIC) और उसके महासचिव द्वारा भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और दखल देने का कोई भी प्रयास पूरी तरह से अस्वीकार्य है.”

उन्होंने आगे कहा कि, “ओआईसी (OIC) पहले ही मुद्दों पर स्पष्ट रूप से सांप्रदायिक, पक्षपातपूर्ण और तथ्यात्मक रूप से गलत दृष्टिकोण लेकर अपनी विश्वसनीयता खो चुका है.” हिसेन ब्राहिम ताहा ने कहा कि उन्होंने हाल के सत्र में ओआईसी काउंसिल ऑफ फॉरेन मिनिस्टर्स (CFM) द्वारा अपनाए गए एक प्रस्ताव को लागू करने के लिए पीओके का दौरा किया था. बताया जा रहा है की, वह खुद जमीन पर स्थिति देखना चाहते थे.

India ने इस्लामिक सहयोग संगठन के पाकिस्तान दौरे पर सुनाई खरी-खरी
India ने इस्लामिक सहयोग संगठन के पाकिस्तान दौरे पर सुनाई खरी-खरी

India के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहीं ये बातें

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा की, “मैं दोहराता हूं कि जम्मू-कश्मीर से संबंधित मामलों में ओआईसी का कोई अधिकार नहीं है. जो भारत (India) का अभिन्न और अविच्छेद्य हिस्सा है. ओआईसी (OIC) और उसके महासचिव द्वारा भारत (India) के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और दखल देने का कोई भी प्रयास पूरी तरह से अस्वीकार्य है.”

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची का अधिकारिक ट्वीट…

हिसेन ब्राहिम ताहा को पाकिस्तान का मुखपत्र (mouthpiece of Pakistan) कहते हुए कहा है की, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ओआईसी ने मुद्दों पर एक स्पष्ट रूप से सांप्रदायिक, पक्षपातपूर्ण और तथ्यात्मक रूप से गलत दृष्टिकोण अपनाकर अपनी विश्वसनीयता खो दी है. विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के निमंत्रण पर ओआईसी प्रतिनिधिमंडल 10-12 दिसंबर के दौरे पर थे.

हिसेन ब्राहिम ताहा ने कहा है कि, “ओआईसी (OIC) कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान और भारत के बीच चर्चा का माध्यम खोजने की योजना पर काम कर रहा है.” इससे पहले, ताहा के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल चकोठी सेक्टर गया था.  जहां उन्हें एक सैन्य कमांडर ने नियंत्रण रेखा पर स्थिति के बारे में जानकारी दी थी.

 

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