September 26, 2022
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उत्तर प्रदेश सब इंस्पेक्टर नागरिक पुलिस, प्लाटून कमांडर पीएसी और अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के 9534 पदों पर सीधी भर्ती के लिए वर्ष 2021 में ऑनलाइन लिखित परीक्षा भारी गड़बड़ी देखने को मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए पकड़े गए 73 अभ्यर्थियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है जिसमे से दो अभ्यर्थी कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड भी अब सवालों के घेरे में है क्यूंकि जिस संस्थान को एग्जाम कराने का टेंडर दिया गया था वो संस्थान 2016 में ब्लैक लिस्ट किया गया था |जो की भर्ती नियमों के खिलाफ है | अभी तक 100 से अधिक लोग गलत तरीके से एग्जाम देने के लिए गिरफ्तार किये जा चुके है | लाखों छात्र इस भर्ती की SIT से जाँच की मांग के लिए आंदोलन कर रहे है पर सरकार और भर्ती बोर्ड के सर पर जूं भी नहीं रेंग रहा है |

शुरुआत में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थियों के ‘रिस्पांस विहैवियर’ का अध्ययन कराया। परीक्षा में आठ लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। संदेह होने पर परीक्षा में सफल घोषित किए गए सभी 36,170 अभ्यर्थियों का विशेष तौर पर विश्लेषण कराया गया। इसमें परीक्षा के दौरान असामान्य ढंग से प्रश्नपत्र हल करने वाले अभ्यर्थी चिह्नित किए गए। अभ्यर्थियों द्वारा शुरुआत में एक-एक प्रश्न हल करने में लिए गए समय और आखिर के समय में प्रश्न हल करने में लिए गए समय का विश्लेषण किया गया। बोर्ड ने अभ्यर्थियों के एक-एक प्रश्न को हल करने का समय साफ्टवेयर की मदद से हासिल कर लिया है, जिससे परीक्षा में अनुचित साधन का प्रयोग किए जाने की पुष्टि होती है। अभिलेखों की जांच एवं शारीरिक दक्षता परीक्षण में हिस्सा लेने आए इन अभ्यर्थियों से जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने गड़बड़ी की बात स्वीकार की।

गंभीर और डराने वाली बात ये है कि जब TET जैसे एग्जाम में गिनती के नकलची पकडे जाने पर पूरा एग्जाम रद्द हो जाता है तो इतने दरोगा भर्ती जैसे महत्वपूर्ण एग्जाम के लिए कोई कठोर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है | 4-5 सालों में दरोगा परीक्षा एक बार होती है जिसकी तैयारी के लिए लाखों छात्र दिन रात एक करते है और उनकी मेहनत और लगन को इस तरह से नजरअंदाज करना ठीक नहीं है |

सोशल मीडिया पर ऐसे हजारों सबूत मौजूद है जिनमे कुछ लोगों ने पैसों और जुगाड़ के दम पर मेहनती बच्चों के सपनों को लात मारी है | कुछ ने 3 मिनट में पेपर हल किया तो कुछ ने तो 160 में से 160 प्रश्न हल कर दिए वो भी कुछ ही मिनटों में , जिसकी सच्चाई की कल्पना करना भी मुश्किल है |

हम अपने माध्यम से इन छात्रों की लड़ाई की अपडेट आप तक पहुंचते रहेंगे और उम्मीद है की सरकार जल्द ही कोई ठोस कदम उठाएगी |

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