Imran Khan disqualified: इमरान खान चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार, चुनाव आयोग ने सुनाया फैसला

Imran Khan disqualified: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है और उनको तोशाखाना मामले में चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है।

तोशखाना मामले में मिली है सजा

चुनाव आयोग ने इमरान को तोशाखाना मामले में अयोग्य करार दिया है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी सिफारिश की है। आयोग की ओर से यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है, जब इमरान खान द्वारा केंद्र में मौजूदा शाहबाज़ शरीफ सरकार के खिलाफ आजादी मार्च निकालने का एलान किया गया है। चुनाव आयोग की इस कार्रवाई के बाद इमरान खान भी नवाज़ शरीफ की तरह चुनाव नहीं लड़ सकेंगे (Imran Khan disqualified) .

मौजूदा गठबंधन सरकार के पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (PDM) के सांसदों की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया था कि पूर्व प्रधानमंत्री बने इमरान खान ने तोशाखाना (सरकारी उपहार ) से अधिकांश सामान बिना भुगतान के ले गए। उन्होंने कथित तौर पर खुद से लिए गए उपहारों का खुलासा नहीं किया और अपने बयानों में जानकारी छुपाई।

 Imran Khan disqualified क्यों हुए

पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी ISI की मिलीभगत के बाद इमरान खान विपक्षी नवाज़ शरीफ की पार्टी मुस्लिम लीग को हराकर 2018 में सत्ता में आए थे।

प्रधानमंत्री के तौर पर इमरान खान (Imran Khan disqualified) को आधिकारिक यात्राओं के दौरान अमीर अरब शासकों से महंगे उपहार मिले, जो तोशाखाना (सरकारी उपहार सग्राहलय) में जमा किए गए थे। बाद में उन्होंने उसे क़ानूनी रूप में सस्ते मूल्य पर खरीदा और उसे भारी मुनाफे पर बेच दिया।

 Imran Khan disqualified होने के बाद पाकिस्तान में गृहयुद्ध का खतरा बढ़ गया है
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उपहारों में, एक महंगी कलाई घड़ी, कफलिंक की एक जोड़ी, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स घड़ियाँ शामिल थीं। इमरान खान के विरोधी यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने इनकम टैक्स रिटर्न में बिक्री से प्राप्त पैसों को भी नहीं दिखाया ।

तोशाखाना मामले में क्या है कानून?

पाकिस्तान के कानून के मुताबिक, किसी विदेशी राज्य के गणमान्य व्यक्तियों से प्राप्त कोई भी उपहार स्टेट डिपॉजिटरी या तोशाखाना में रखा जाना चाहिए। यदि राज्य का मुखिया उपहार को अपने पास रखना चाहता है तो उसे इसके मूल्य के बराबर राशि का भुगतान करना होगा। यह एक नीलामी की प्रक्रिया के जरिए तय किया जाता है। ये उपहार या तो तोशाखाना में जमा रहते हैं या नीलाम किए जा सकते हैं और इसके माध्यम से अर्जित धन को राष्ट्रीय खजाने में जमा किया जाता है।

By Satyam

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