IMF ने घटाई भारत की आर्थिक विकास दर, 2023 में आ सकती है मंदी

IMF: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत के आर्थिक विकास दर (India Growth Rate) के अनुमान में दूसरी बार कटौती की है. नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2023 में वैश्विक अर्थव्यवस्था 2.7 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी जिसके कारण कुछ देशों में मंदी आएगी.

IMF ने कहा की भारत में आ सकती है मंदी

WION से मिली जानकारी के मुताबिक, रिपोर्ट में कहा गया है, “सबसे बुरा समय अभी आना बाकी है.” रॉयटर्स के अनुसार,  आईएमएफ ने कहा है कि, वैश्विक आर्थिक विकास covid-19, रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से धीमा हुआ है. दुनिया को भोजन और ईंधन की कमी का सामना करना पड़ रहा है.” IMF ने कहा की, 2001 के बाद से सबसे कमजोर विकास दर अब आया है.

IMF ने घटाई भारत की आर्थिक विकास दर, 2023 में आ सकती है मंदी
IMF ने घटाई भारत की आर्थिक विकास दर, 2023 में आ सकती है मंदी

चीन में चल रहा अर्थव्यवस्था संकट भी एक चिंता का विषय है. IMF ने कहा की, चीन की अर्थव्यवस्था की वजह से वैश्विक स्तर पर मंदी आने के साफ़ आसार नज़र आ रहे हैं.” IMF का कहना है की,  संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के 2023 में बेहद धीमी वृद्धि दिखाने की उम्मीद है.  आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए इसे 7.4 फीसदी से घटाकर 6.8 फीसदी कर दिया है. चीन की वृद्धि दर कुछ बढ़कर 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है.

IMF का अधिकारिक ट्वीट…

आईएमएफ की रिपोर्ट जारी होने के बाद जानकारों ने कहा की, “भारत 2022 में काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और 2023 में भी इसके मजबूती से वृद्धि करने की उम्मीद है. इस साल इसकी वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रहने जबकि अगले साल 6.1 प्रतिशत रहने की हमें उम्मीद है.”

भारत की वृद्धि 8.7% आंकी गई है

जुलाई में, आईएमएफ ने कहा था कि भारत अप्रैल 2022 में शुरू हुए चालू वित्त वर्ष में 7.4% की दर से बढ़ेगा. जो जनवरी में 8.2% के अनुमान से 0.8% कम था. 2021-22 के वित्तीय वर्ष (अप्रैल 2021 से मार्च 2022) में भारत की वृद्धि 8.7% आंकी गई है. आईएमएफ (IMF) का ताजा पूर्वानुमान मंगलवार को अपनी वार्षिक विश्व आर्थिक आउटलुक रिपोर्ट में आया है.

आर्थिक सलाहकार और आईएमएफ के अनुसंधान निदेशक पियरे-ओलिवियर गौरींचस ने कहा है की, “वैश्विक अर्थव्यवस्था को तीन शक्तिशाली ताकतों के सुस्त प्रभावों की वजह से भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.”

तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ और चीन की वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक तिहाई से अधिक की वृद्धि अगले वित्त वर्ष में बाधित होने की उम्मीद है. बता दें की, यह 2023 में आने वाली मंदी सबसे खतरनाक और भयावा होने वाली है.

कई देश जूझ रहे गरीबी से

अगर एशिया की बात करें तो, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देश में अर्थव्यवस्था डामाडोल है, पाकिस्तान में बाढ़ और बारिश के चलते लोग मुसीबत का सामना कर रहे हैं. पाकिस्तान में कॉटन फैक्ट्री बंद होने की कगार पर खड़ी हैं. बांग्लादेश में बिजली संकट गहराता जा रहा है. जानकारों का कहना है की एशियाई देशों में ऐसे ही हालात बनते रहे तो आने वाले में जनता का जीना भी दुश्वार हो जाएगा.

श्रीलंका में पहले से गरीबी छाई हुई है. जिसकी वजह से वहां के लोगों ने उग्र प्रदर्शन भी किया था. श्रीलंका आज भी भयंकर इकनोमिक क्राइसिस का सामना कर रहा है. श्रीलंका में आज भी कई दफ्तर, स्कूलों पर पूरी तरह से ताला लगा हुआ है.

 

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