Gyanvapi Case पर आज सकता है आज बड़ा फैसला, शिवलिंग की पूजा करने की मिल सकती है इजाजत

Gyanvapi Case: समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, वाराणसी में एक फास्ट-ट्रैक अदालत आज ज्ञानवापी केस (Gyanvapi Case) में ‘शिवलिंग’ की पूजा करने के अधिकार की मांग करने वाली याचिका पर अपना फैसला सुनाएगी. बता दें की, 8 नवंबर को पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की सुनवाई 14 नवंबर के लिए स्थगित कर दी थी.

Gyanvapi Case में दायर याचिका में हिंदू पक्ष ने की थी ये मांगे

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, दायर याचिका में हिंदू पक्ष की मांगों में स्वयंभू ज्योतिर्लिंग भवन विश्वेश्वर (Swayambhu Jyotirlinga Bhawan Vishveshwar) की प्रार्थना की तत्काल शुरुआत की अनुमति, पूरे ज्ञानवापी परिसर को हिंदुओं को सौंपने और ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Case) के परिसर के अंदर मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग शामिल है.

जानकारी के मुताबिक, मामला कोर्ट में रहने तक मुस्लिम पक्ष को परिसर में नमाज पढ़ने की इजाजत है. वाराणसी की अदालत में पिछली सुनवाई के दौरान, कथित ‘शिवलिंग’ की वैज्ञानिक जांच की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.

Gyanvapi Case पर आज सकता है आज बड़ा फैसला, शिवलिंग की पूजा करने की मिल सकती है इजाजत
Gyanvapi Case पर आज सकता है आज बड़ा फैसला, शिवलिंग की पूजा करने की मिल सकती है इजाजत

कार्बन डेटिंग की मांग की थी हिन्दू पक्ष ने

हिंदू पक्ष ने उस संरचना की कार्बन डेटिंग की मांग की थी. जिसे उन्होंने ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Case) के वजुखाना के अंदर पाए गए शिवलिंग होने का दावा किया था. हालाँकि मुस्लिम पक्ष का कहना है की वो कथित संरचना कोई शिवलिंग नहीं हैं बल्कि, फव्वारा है.

हिंदू पक्ष ने तब 22 सितंबर को वाराणसी जिला अदालत में एक आवेदन प्रस्तुत किया था. जिसमें उस वस्तु की कार्बन डेटिंग की मांग की गई थी. जिसे उन्होंने ‘शिवलिंग’ होने का दावा किया थाउम्मीद की जा रही है की आज कोर्ट ज्ञानवापी केस में कोई बड़ा फैसला सुनाएगी.

कार्बन डेटिंग के आधार पर नहीं लिया जा सकता कोई फैसला

हिंदू पक्ष ने 29 सितंबर की सुनवाई में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा ‘शिवलिंग’ की वैज्ञानिक जांच और ‘अर्घा’ (Argha) और उसके आसपास के क्षेत्र की कार्बन डेटिंग की मांग की थी.

वाराणसी कोर्ट ने कहा है की, “भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के सर्वेक्षण का आदेश देना उचित नहीं होगा. हालाँकि, इस तरह के आदेश देकर उक्त शिवलिंग आयु, प्रकृति और संरचना का पता चल सकता है. लेकिन सिर्फ इसके आधार पर हम फैसला नहीं दे सकते.

ज्ञानवापी मामले (Gyanvapi Case) में पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता विष्णु जैन ने कहा की, “अदालत ने कार्बन डेटिंग की हमारी मांग को खारिज कर दिया है. हम इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और वहां इसे चुनौती देंगे. मैं अभी तारीख की घोषणा नहीं कर सकता, लेकिन मैं जल्द ही इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दूंगा.”

हिन्दू पक्ष के वकील ने कहीं ये बातें

हिंदू पक्ष के एक अन्य वकील मदन मोहन यादव ने कहा की, “हालांकि अदालत ने कार्बन डेटिंग की मांग को खारिज कर दिया है. लेकिन उच्च न्यायालय जाने का विकल्प उपलब्ध है और हिंदू पक्ष उच्च न्यायालय के समक्ष भी अपनी बात रखेगा.”

सुप्रीम कोर्ट के 17 मई के आदेश का जिक्र करते हुए वाराणसी कोर्ट ने कहा था कि ”अगर सैंपल लेने से कथित शिवलिंग को नुकसान पहुंचता है तो यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन होगा. इसके साथ ही आम जनता की धार्मिक भावनाएं भी आहत होंगी.”

 

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